चंडीगढ़ , जुलाई 25 -- पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शनिवार को बताया कि राज्य सरकार ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से 'द पंजाब स्टेट आउटसोर्स पर्सनल ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्टुअल एंगेजमेंट ऑर्डिनेंस, 2026' को तुरंत मंजूरी देने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कदम से राज्य के हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों का सालों पुराना शोषण खत्म होगा और उन्हें सीधे पंजाब सरकार के तहत अनुबंध पर आने का रास्ता साफ होगा।
श्री चीमा ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में 13 जुलाई 2026 को पंजाब कैबिनेट ने इस अध्यादेश को मंजूरी दी थी। यह फाइल पिछले 12 दिनों से राजभवन में लंबित है। उन्होंने राज्यपाल से इस पर जल्द हस्ताक्षर करने का आग्रह किया ताकि हजारों पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत मिल सके।
उन्होंने बताया कि इस अध्यादेश के लागू होने से सफाई कर्मचारियों, सीवर मैन और पावर बोर्ड के स्टाफ सहित विभिन्न विभागों में सालों से ठेकेदारों के माध्यम से काम कर रहे हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस और अकाली दल-भाजपा सरकारों ने राज्य के युवाओं को ठेकेदारों के जरिए होने वाले संस्थागत शोषण के दलदल में धकेल दिया था, जहां युवा पांच से 11 सालों से मामूली वेतन पर काम करने को मजबूर हैं। राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही सभी विभाग तय नियमों के तहत इन योग्य कर्मचारियों को सीधे सरकारी अनुबंध पर ले लेंगे।
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए श्री चीमा ने कहा, " पिछले तीन दशकों का रिकॉर्ड रहा है कि पुरानी सरकारें अपने कार्यकाल के चौथे साल में जाकर नौकरियों के विज्ञापन निकालती थीं। इसके विपरीत, भगवंत मान सरकार ने मार्च 2022 में अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में 30,000 सरकारी पदों की घोषणा की थी। हम केवल चार साल और पांच महीने के भीतर राज्य के युवाओं को 66,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दे चुके हैं और बचे हुए कार्यकाल में भी भर्ती अभियान जारी रहेगा। "शिक्षकों के हित में उठाये कदमों का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मान सरकार ने सालों से संघर्ष कर रहे लगभग 13,000 अध्यापकों की सेवाओं को नियमित किया है। इतना ही नहीं, उनके वेतन को 6,000 रुपए की नाममात्र राशि से बढ़ाकर 25,000 रुपए से 26,000 रुपए प्रति माह किया गया है और इसके साथ ही वार्षिक वेतन वृद्धि का प्रावधान भी जोड़ा गया है।
उन्होंने उम्मीद जतायी कि राज्यपाल महोदय पंजाब के इन जरूरी कर्मचारियों के जीवन को बदलने वाले इस अध्यादेश को बिना देरी किये अपनी स्वीकृति देंगे।
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