जयपुर , मार्च 13 -- राजस्थान के अस्पतालों में गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू ) सेवाएं अब और सुदृढ़ की जायेंगी, ताकि गंभीर रोगियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं मिल सकें तथा आपात स्थितियों में भी चिकित्सा प्रबंधन और बेहतर तरीके से किया जा सके।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ की अध्यक्षता में शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित बैठक में इसके लिए गाइडलाइन को लेकर विशेषज्ञों के साथ चर्चा की गई और सुझाव प्राप्त किए गए। श्रीमती राठौड़ ने बताया कि इसके लिए एक मानक गाइडलाइन तैयार की जा रही है।

उन्होंने बताया कि आईसीयू सेवाओं के लिए मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ चिकित्सकों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों एवं आईसीयू प्रभारियों से सुझाव मांगे गये हैं। इन सुझावों के आधार पर दिशा-निर्देश तैयार कर केन्द्र सरकार को भेजे जाएंगे, जिनके आधार पर मानक गाइडलाइन तैयार की जाएगी। निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि आईसीयू में संक्रमण रोकथाम, गंभीर रोगियों की उचित देखभाल, प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता, मॉनिटरिंग में सुधार, ऑर्गन सपोर्ट तकनीक, तत्काल उपचार उपलब्धता के लिए कैपेसिटी बढ़ाने सहित विभिन्न सेवाओं को शामिल किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक मरीज की मॉनिटरिंग हेतु मल्टीपैरा मॉनिटर, ऑक्सीजन, सक्शन सुविधा, आईवी पम्प्स के साथ ही आपातकालीन उपकरणों जैसे वेंटीलेटर्स, डीफ्रिबलेटर्स, ऑक्सीजन सिलेंडर्स की उपलब्धता एवं क्रियाशीलता पर विशेष ध्यान रखा जाएगा।

बैठक में निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर, अतिरिक्त निदेशक प्रशासन डॉ. नरोत्तम शर्मा, एसएमएस अस्पताल के विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, तकनीकी समिति के सदस्य, परियोजना निदेशक, विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के क्रिटिकल केयर प्रभारी चिकित्सक, आईएमए के प्रतिनिधि एवं निजी चिकित्सालयों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

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