नयी दिल्ली , मई 11 -- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने तीन स्वदेशी चिकित्सा प्रौद्योगिकियों को उद्योग भागीदारों को हस्तांतरित किया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने आज बताया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर यहाँ बीआरआईसी-राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान(एनआईआई) आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम'विज्ञान - टेक' में भाग लिया।
मंत्रालय के अनुसार इस कार्यक्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्रप्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने शिरकत कर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और नवप्रवर्तकों एवंप्रदर्शकों से बातचीत की। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव एवं आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल भी इस अवसर पर उपस्थितथे।
ये प्रौद्योगिकी हस्तांतरण राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और समझौता ज्ञापन विनिमय सत्र के दौरान किए गए, जो भाग लेने वाले मंत्रालयों और विभागों के स्वायत्त संस्थानों और प्रयोगशालाओं द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करने वाले एक राष्ट्रीय संकलन के विमोचन के साथ आयोजित किया गया था।
इन प्रौद्योगिकियों का सफल हस्तांतरण सार्वजनिक रूप सेवित्त पोषित नवाचारों की सुरक्षा के लिए आईसीएमआर कीप्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिसके तहत संरचित बौद्धिक संपदा सहायता प्रदान की जाती है और साथ ही उद्योग-अनुकूल समाधानों में उनका सहज रूपांतरण सुनिश्चित किया जाता है। यह पहल स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देकर, चिकित्सा नवाचार मूल्य श्रृंखला को मजबूत करके और आत्मनिर्भर स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को विकसित करके ' मेक इन भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
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