बैतूल , फरवरी 22 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिला निवासी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के सीटी/जीडी जवान बालाराम प्रदीप उइके ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गए। वे भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) में पदस्थ थे और मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में सेवाएं दे रहे थे। उनकी शहादत की सूचना मिलते ही परिवार, ग्राम कोल्हिया और मुलताई अंचल में शोक की लहर फैल गई।

आवश्यक औपचारिकताओं के बाद आईटीबीपी के अधिकारियों और जवानों ने शहीद उइके को सलामी दी। इसके उपरांत उनका पार्थिव शरीर पूरे सम्मान के साथ उनके गृह ग्राम कोल्हिया लाया गया। रविवार सुबह तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। "भारत माता की जय" और "शहीद अमर रहें" के नारों से वातावरण गूंज उठा।

शहीद बालाराम उइके की अंतिम यात्रा रविवार को सुबह 11 बजे उनके निवास ग्राम कोल्हिया से प्रारंभ होगी। यह यात्रा मालेगांव स्थित उनकी निजी भूमि तक जाएगी, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल और आईटीबीपी के जवान अंतिम सलामी देंगे। बड़ी संख्या में नागरिकों के शामिल होने की संभावना है।

बालाराम उइके सरल, अनुशासनप्रिय और कर्तव्यनिष्ठ जवान के रूप में पहचाने जाते थे। वे फिल्म 'जंगल सत्याग्रह' के लेखक, निर्माता और निर्देशक डॉ. प्रदीप उइके के बड़े भाई थे। उनके निधन से परिवार सहित पूरा क्षेत्र स्तब्ध है। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। राष्ट्र सेवा में दिए गए उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखा जाएगा।

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