नारायणपुर , मार्च 22 -- छत्तीसगढ़ कते नारायणपुर में 38वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सीओबी एडजूम कैम्प परिसर में रविवार को नागरिक कार्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों से संवाद बढ़ाना तथा उनके दैनिक जीवन में उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराना रहा।

आयोजन में एडजूम और बड़े टोंडेबेड़ा गांव के लगभग 80 ग्रामीणों ने भाग लिया। इनमें स्कूल के बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग तथा युवा शामिल थे। आईटीबीपी से रविवार को मिली जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को कृषि कार्य से संबंधित औजार, ट्रैकसूट, सोलर लाइट, पानी का जग, चप्पल, साइकिल पंप तथा अन्य आवश्यक स्टेशनरी और दैनिक उपयोग की वस्तुएं वितरित की गईं।

कार्यक्रम में ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याएं भी अधिकारियों के समक्ष रखीं। सीओबी कमांडर ने इन समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल का आश्वासन दिया। आयोजन में ग्राम सरपंचों, पंचायत प्रतिनिधियों, प्रधानाध्यापक और अन्य स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने भी भाग लिया तथा कार्यक्रम के आयोजन के लिए आईटीबीपी की सराहना की।

इस अवसर पर ग्रामीणों को नशामुक्ति के प्रति जागरूक भी किया गया। जवानों और अधिकारियों ने नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि नशा व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार और आर्थिक स्थिति पर भी प्रतिकूल असर डालता है। ग्रामीणों को नशा छोड़कर स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में शामिल ग्रामीणों के लिए कैम्प परिसर में अपराह्न के भोजन की व्यवस्था भी की गयी। आयोजन के दौरान आईटीबीपी और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों ने सक्रिय भूमिका निभाई।38वीं वाहिनी के कमांडेंट रोशन सिंह असवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सीओबी कमांडर निरीक्षक जीडी नरेन्द्र यादव तथा कैम्प में तैनात आईटीबीपी और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र के विकास और ग्रामीणों से बेहतर समन्वय के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के सिविक एक्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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