फर्रुखाबाद , मई 8 -- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में शुक्रवार को आयोजित आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण एवं गुणवत्ता समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों द्वारा की गई शिकायतों के निस्तारण, शिकायतकर्ताओं से संवाद, साक्ष्यों के अपलोड तथा फीडबैक की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सक्षम अधिकारी स्वयं निस्तारण आख्या का परीक्षण कर उसे पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक निस्तारण पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक शिकायत का तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान होना चाहिए।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक निस्तारण आख्या के साथ आवश्यक साक्ष्य अनिवार्य रूप से संलग्न किए जाएं। इनमें शिकायतकर्ता से वार्ता, स्थलीय निरीक्षण रिपोर्ट तथा शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति में दो पड़ोसियों के बयान शामिल हों। डॉ. लाठर ने शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने वाले अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे गंभीर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता बताया। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रत्येक शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से संवाद स्थापित कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में विभिन्न अधिकारियों की जांच आख्या पढ़कर उनकी गुणवत्ता की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि भविष्य में गुणवत्ताहीन अथवा तथ्यहीन निस्तारण पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि सहित कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने पिछले एक माह में प्राप्त असंतोषजनक फीडबैक वाले मामलों की पुनः जांच कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग की शिकायतों के पुनरीक्षण की जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) तथा अन्य विभागीय शिकायतों की समीक्षा मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी गई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी प्रतिदिन कार्यालय पहुंचने के बाद सबसे पहले आईजीआरएस पोर्टल का अवलोकन करें तथा लंबित शिकायतों का निस्तारण स्वयं की निगरानी में सुनिश्चित करें। यदि कोई शिकायत संबंधित अधिकारी के कार्यक्षेत्र से जुड़ी नहीं है तो उसे उसी दिन अथवा अधिकतम अगले दिन संबंधित विभाग को स्थानांतरित किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी संदर्भ को डिफाल्टर श्रेणी में जाने से कम से कम पांच दिन पहले गुणवत्तापूर्ण एवं स्पष्ट निस्तारण आख्या पोर्टल पर अपलोड कर दी जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही से शिकायतकर्ताओं का फीडबैक खराब होगा तथा जनपद की रैंकिंग प्रभावित होगी, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), उपजिलाधिकारी सदर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित