हैदराबाद , अप्रैल 03 -- इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) के सिल्वर जुबली वर्ष के अवसर पर शुक्रवार को प्रमुख पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम (पीजीपी) के 25वें बैच के 417 छात्र दीक्षांत समारोह में शामिल हुए।
हैदराबाद परिसर में आयोजित इस समारोह का नेतृत्व आईएसबी के डीन मदन पिल्लुटला ने किया। इस अवसर पर सुश्री एरिका जेम्स (व्हार्टन स्कूल, यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया की डीन) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि आईएसबी एग्जीक्यूटिव बोर्ड के चेयरपर्सन हर्ष मंवानी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
2001 में शुरू हुए आईएसबी के एक वर्षीय पीजीपी कार्यक्रम से अब तक 25 बैचों में 14,000 से अधिक पेशेवर स्नातक हो चुके हैं। यह कार्यक्रम वैश्विक व्यावसायिक जरूरतों के अनुरूप निरंतर विकसित होता रहा है।
मुख्य अतिथि एरिका जेम्स ने अपने संबोधन में कहा कि आज के नेताओं के लिए केवल बौद्धिक क्षमता ही नहीं, बल्कि भावनात्मक मजबूती, बेहतर संबंध कौशल और धैर्य भी जरूरी है, ताकि वे बदलते वैश्विक व्यावसायिक माहौल में सफल हो सकें।
श्री हर्ष मंवानी ने इस अवसर को उपलब्धि के साथ-साथ आत्ममंथन का क्षण बताते हुए छात्रों से ईमानदारी बनाए रखने और समाज में सकारात्मक प्रभाव डालने का आह्वान किया। वहीं, डीन मदन पिल्लुटला ने छात्रों को जटिल चुनौतियों का सामना करने के लिए विश्लेषणात्मक सोच अपनाने और सच बोलने का साहस रखने की सलाह दी।
समारोह में फेलो प्रोग्राम इन मैनेजमेंट के एक शोधार्थी और एग्जीक्यूटिव फेलो प्रोग्राम के 21 प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। साथ ही, अकादमिक उत्कृष्टता और नेतृत्व के लिए पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
सुश्री कृतिका गर्ग को सामाजिक कार्यों में योगदान के लिए आईएसबी-परमेश्वर गोदरेज पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह बैच अब आईएसबी के वैश्विक पूर्व छात्र नेटवर्क का हिस्सा बन गया है, जिसमें दुनियाभर के नेता, उद्यमी और नवोन्मेषक शामिल हैं।
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