कोच्चि , जनवरी 21 -- भारतीय नौसेना के पाल प्रशिक्षण जहाज आईएनएस सुदर्शिनी ने कोच्चि में दक्षिणी नौसेना कमान से 'लोकायन 26' की रवानगी के साथ एक ऐतिहासिक वैश्विक यात्रा की शुरुआत की है। यह दस महीने लंबा एक महासागरीय नौकायन अभियान है।
यह ऐतिहासिक यात्रा भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को दिखाती है और व्यावसायिक प्रशिक्षण, समुद्री उत्कृष्टता और वैश्विक जुड़ाव के लिए भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता दिखाती है। 'वसुधैव कुटुम्बकम' की भावना से सोचा गया और महासागर के दर्शन से प्रेरित लोकायन 26 का मकसद समुद्रों और महाद्वीपों में सहयोग, विश्वास और मित्रता के स्थायी रिश्ते बनाना है। इस अभियान को वैश्विक समुद्री मामलों में भारत की बढ़ती भूमिका और जिम्मेदारी के एक मजबूत प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है।
सीनियर नौसेना अधिकारी, नौसेना के लोग, स्कूली बच्चे, जहाज के क्रू के परिवार और मीडिया के प्रतिनिधि रवानगी समारोह में शामिल हुए। इस मौके पर फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने लोकायन 26 की यादगार पट्टिका का अनावरण किया।
इस अभियान को औपचारिक रूप से दक्षिणी नौसेना कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल समीर सक्सेना ने कोच्चि के नौसेना बेस से रवाना किया।
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