नागपुर , जुलाई 01 -- महाराष्ट्र के बेहद चर्चित ईमानदार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे ने कहा है कि वह भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त तो होंगे लेकिन "जनसेवा से कभी सेवानिवृत्त नहीं होंगे"।

श्री मुंढे के इस बयान के बाद राज्य के राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक हलकों में उनके भविष्य की भूमिका को लेकर व्यापक अटकलें तेज हो गयी है।

श्री मुंढे ने सोशल मीडिया पर एक संदेश में लिखा , "जो व्यक्ति धारा के विपरीत दिशा में जाता है वह मूर्ख नहीं होता, बल्कि साहसी होता है। यदि मैं नहीं कर सकता, तो और कौन कर सकता है।"इस संदेश ने उनके अगले कदम को लेकर चर्चाओं को हवा दे दी है, हालांकि उन्होंने अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

अपनी सख्त प्रशासनिक शैली और नियमों के प्रति समझौता न करने वाले रवैये के लिए व्यापक रूप से जाने जाने वाले श्री मुंढे के बयान को इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि वह आईएएस सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद भी सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रूप से जुड़े रहने का इरादा रखते हैं।

उनकी टिप्पणियों से यह अटकलें भी शुरू हो गई हैं कि वह सामाजिक क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं या राजनीति में भी प्रवेश कर सकते हैं, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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