लखनऊ , फरवरी 20 -- उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य विजय बहादुर पाठक ने शुक्रवार को नियम 111 के अंतर्गत विधान परिषद में लखनऊ स्थित भारतीय रेलवे परिवहन प्रबंधन संस्थान (आईआरटीआईएम) का नाम बदलकर 'अटल बिहारी वाजपेयी रेलवे परिवहन प्रबंधन राष्ट्रीय अकादमी' किए जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर यह कदम उनके योगदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगा।

विजय बहादुर पाठक ने अपने वक्तव्य में कहा कि डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में रेलवे का अभूतपूर्व आधुनिकीकरण हुआ है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश के 157 से अधिक रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है तथा हाई स्पीड रेल कनेक्टिविटी पर विशेष जोर दिया गया है। गोरखपुर, लखनऊ और वाराणसी जैसे प्रमुख स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही नई ब्रॉडगेज लाइनों के विस्तार तथा नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो जैसी परियोजनाओं का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

विजय बहादुर पाठक ने कहा कि लखनऊ स्थित भारतीय रेलवे परिवहन प्रबंधन संस्थान भारतीय रेलवे यातायात सेवा (आईआरटीएस) और अन्य परिवहन प्रबंधन अधिकारियों के प्रशिक्षण का प्रमुख एवं प्रतिष्ठित संस्थान है। यह संस्थान आईआरएमएस एवं ट्रैफिक अधिकारियों के लिए नोडल प्रशिक्षण अकादमी के रूप में कार्य करता है और स्थापना के 18 वर्षों में एक अग्रणी सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थान के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। संस्थान को केंद्रीय क्षमता निर्माण आयोग द्वारा राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चार स्टार 'अति उत्कृष्ट' रेटिंग भी प्राप्त है।

उन्होंने बताया कि इस संस्थान का शिलान्यास 31 जनवरी 2001 और उद्घाटन 21 मई 2003 को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा किया गया था। उन्होंने कहा कि संस्थान उनके दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इसलिए राज्य सरकार को केंद्र सरकार से संस्थान का नाम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखने का प्रस्ताव भेजना चाहिए।

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