"हरिद्वार , जून 24 -- उत्तराखंड में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने सतत विकास, अनुसंधान और औद्योगिक नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेमटेक (एनएएमटेक) तथा आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया) के साथ बुधवार को अपनी रणनीतिक साझेदारियों को और मजबूत किया। इस पहल से अनुसंधान, प्रतिभा विकास तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग के नए अवसर विकसित होंगे।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने सतत विकास, उन्नत विनिर्माण, चक्रीय अर्थव्यवस्था, डिजिटल प्रौद्योगिकियों और मानव संसाधन विकास के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर उद्योग जगत के विशेषज्ञों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। प्रतिनिधिमंडल में प्रो. अंदलीब तारिक, प्रो. अब्सार अहमद काज़मी, प्रो. मनीष मिश्रा और प्रो. कोमल त्रिपाठी भी शामिल रहे।
आईआईटी रुड़की राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व सहयोग से "सतत ऊर्जा एवं चक्रीयता अनुसंधान तथा अनुभवात्मक शिक्षण केंद्र" की स्थापना कर रहा है। यह केंद्र सतत विनिर्माण, ऊर्जा परिवर्तन, अनुप्रयुक्त अनुसंधान, कार्यबल विकास तथा उद्योग सहयोग को नई गति प्रदान करेगा।
इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए आईआईटी रुड़की और नेमटेक के बीच एक समझौता अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर केंद्र की उद्घाटन बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्र की संचालन व्यवस्था, प्रयोगशाला विकास, पाठ्यक्रम निर्माण और कार्यबल परिवर्तन संबंधी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
नया केंद्र हरित हाइड्रोजन, चक्रीय अर्थव्यवस्था, पर्यावरणीय, सामाजिक एवं प्रशासनिक विश्लेषण, औद्योगिक जल प्रबंधन, स्मार्ट विनिर्माण तथा सतत आधारभूत संरचना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देगा। इसका उद्देश्य शिक्षा, उद्योग और नीति निर्माण के बीच समन्वय स्थापित कर भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार करना है।
इसी कड़ी मे आईआईटी रुड़की ने देश की अग्रणी इस्पात उत्पादक कंपनियों में से एक एएम/एनएस इंडिया के साथ भी एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत सतत विकास, उन्नत विनिर्माण, डिजिटल तकनीक, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास तथा प्रतिभा निर्माण के क्षेत्रों में संयुक्त पहलें संचालित की जाएंगी।
समझौते का आदान-प्रदान एएम/एनएस इंडिया के मुख्य सततता अधिकारी डॉ. अरविंद बोधंकर और आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत के बीच किया गया। इस अवसर पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों और नेमटेक के प्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही।
प्रो. पंत ने कहा कि भविष्य का विनिर्माण क्षेत्र सतत विकास, अत्याधुनिक तकनीक और कुशल मानव संसाधन पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि आईआईटी रुड़की ऐसी साझेदारियों के माध्यम से अनुसंधान को समाज और उद्योग के लिए उपयोगी परिणामों में बदलने तथा भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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