वाराणसी , जून 18 -- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-बीएचयू) ने 105.84 करोड़ रुपये की लागत से मालवीय स्टूडेंट एक्टिविटी एंड कंप्यूटिंग सेंटर की स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह छात्र सहभागिता, शैक्षणिक सहयोग तथा आधुनिक परिसर अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

यह अत्याधुनिक संस्थागत सुविधा छात्र गतिविधियों, कंप्यूटिंग, नवाचार तथा सहयोगात्मक शिक्षण के लिए एक जीवंत केंद्र के रूप में विकसित की जाएगी। इसी क्रम में गुरुवार को आईआईटी (बीएचयू) स्थित राजपूताना ग्राउंड में इस परियोजना का भूमि पूजन समारोह संपन्न हुआ।

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रोफेसर अमित पात्रा ने वैदिक विधि-विधान के साथ भूमि पूजन किया। समारोह में संस्थान के संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य समुदाय सदस्य उपस्थित रहे।

संस्थान निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मनीष कुमार ने परियोजना का विवरण देते हुए बताया कि प्रस्तावित एमएसएसीसी को बहु-उद्देशीय एवं छात्र-केंद्रित सुविधा के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें समकालीन संस्थागत वातावरण के अनुरूप शैक्षणिक, तकनीकी, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए एकीकृत स्थान उपलब्ध होंगे।

उन्होंने बताया कि परियोजना की स्वीकृत लागत 105.84 करोड़ रुपये है तथा निर्माण कार्य की निर्धारित अवधि 18 माह है। कार्य जून 2026 से शुरू हो चुका है और इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित केंद्र में उन्नत कंप्यूटिंग अवसंरचना, सेमिनार एवं सम्मेलन सुविधाएं, गतिविधि क्षेत्र, सभागार, छात्र संवाद स्थल तथा अन्य सहायक सेवाएं विकसित की जाएंगी। प्रमुख सुविधाओं में 204 सीटों वाला सीनेट हॉल, सेमिनार हॉल, लाउंज सहित कॉन्फ्रेंस कक्ष, कैफेटेरिया, 562 सीटों वाला ऑडिटोरियम, समर्पित कंप्यूटिंग हॉल, बैठक कक्ष, गतिविधि क्षेत्र, सामान्य सहायक सुविधाएं एवं ओपन थिएटर शामिल हैं।

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