वाराणसी , जुलाई 2 -- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग ने स्नातक विद्यार्थियों में अनुसंधान, नवाचार और उन्नत तकनीकी कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अंडरग्रेजुएट रिसर्च एवेन्यू (यूजीआरए) पहल की शुरुआत की है।

यह पहल विशेष रूप से सेमीकंडक्टर एवं चिप डिजाइन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुसंधान तथा आधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

विभागाध्यक्ष प्रो. अमृतांशु पाण्डेय ने कहा कि भारत आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को चिप डिजाइन, डिजाइन वैलिडेशन और हार्डवेयर विकास का व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराना आवश्यक है।

यूजीआरए के माध्यम से आईआईटी (बीएचयू) अपने शोध-उन्मुख शैक्षणिक वातावरण को और सुदृढ़ कर रहा है, जिससे विद्यार्थियों को अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में कार्य करने तथा वास्तविक इंजीनियरिंग समस्याओं पर अनुसंधान का अवसर मिलेगा।

प्रो. पाण्डेय ने बताया कि वर्टिव इंडिया के सहयोग से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग में एडवांस्ड हार्डवेयर इनोवेशन लैब स्थापित की जा रही है। इस प्रयोगशाला में अत्याधुनिक मूल्यांकन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनके माध्यम से स्नातक विद्यार्थी डिजाइन वैलिडेशन और हार्डवेयर प्रोटोटाइपिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

आईआईटी (बीएचयू) के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि यूजीआरए के अंतर्गत विकसित की जा रही विभिन्न प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों को चिप डिजाइन की संपूर्ण प्रक्रिया-डिजाइन, वेरिफिकेशन, प्रोटोटाइपिंग, टेप-आउट की तैयारी तथा सिलिकॉन परीक्षण-का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि यह पहल संस्थान की उस व्यापक सोच का हिस्सा है, जिसके माध्यम से स्नातक स्तर पर ही विद्यार्थियों में अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति विकसित की जा रही है।

वर्टिव के उपाध्यक्ष (प्रोडक्ट मैनेजमेंट एवं इंजीनियरिंग) ए. एस. प्रसाद ने कहा कि वर्टिव विश्व स्तर पर डिजिटल अवसंरचना समाधानों की अग्रणी कंपनी है, जो ऊर्जा प्रबंधन, थर्मल मैनेजमेंट, आईटी अवसंरचना और डिजिटल संचालन से जुड़े समाधान उपलब्ध कराती है। 130 से अधिक देशों में अपनी उपस्थिति के साथ कंपनी डेटा सेंटर, संचार नेटवर्क और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को विश्वसनीय तकनीकी समाधान प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान तकनीकी परिदृश्य में सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुप्रयोग के बीच की दूरी कम करना आवश्यक है।

एडवांस्ड हार्डवेयर इनोवेशन लैब के माध्यम से आईआईटी (बीएचयू) के विद्यार्थियों को डिजाइन वैलिडेशन और प्रोटोटाइपिंग का वास्तविक अनुभव मिलेगा, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और वे देश के विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर उद्योग में प्रभावी योगदान देने के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकेंगे।

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