वाराणसी , जून 19 -- छात्र सहभागिता, शैक्षणिक सहयोग तथा आधुनिक परिसर अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) ने यावतकर कन्वेंशन सेंटर की स्थापना की पहल की है। यह अत्याधुनिक संस्थागत सुविधा छात्र गतिविधियों, नवाचार और सहयोगात्मक अधिगम के लिए एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित की जाएगी।

प्रस्तावित सुविधा का निर्माण आईआईटी (बीएचयू) के राजपूताना ग्राउंड क्षेत्र में किया जाएगा तथा इसके वर्ष 2028 से छात्रों के लिए संचालित होने की संभावना है। यह पहल आईआईटी (बीएचयू) के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र तथा जूनिपर नेटवर्क्स, माउंटेन व्यू, कैलिफोर्निया के पूर्व मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) डॉ. राज यावतकर द्वारा आईआईटी (बीएचयू) फाउंडेशन के माध्यम से प्रदान किए गए उदार योगदान से संभव हो सकी है। डॉ. यावतकर ने संस्थान में कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया है, जो छात्रों एवं आने वाली पीढ़ियों के लिए परिवर्तनकारी अवसरों के सृजन में सहायक होगा।

आईआईटी (बीएचयू) के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग से वर्ष 1980 बैच के पूर्व छात्र डॉ. राज यावतकर ने इसके बाद आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर विज्ञान में एम.टेक. तथा पर्ड्यू विश्वविद्यालय से कंप्यूटर विज्ञान में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।

'इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स' (आईईईई) के फेलो के रूप में सम्मानित डॉ. यावतकर नेटवर्किंग प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित विशेषज्ञ हैं।

अपने व्यावसायिक जीवन में उन्होंने 50 से अधिक पेटेंट प्राप्त किए हैं, पांच इंटरनेट मानकों के सह-लेखक रहे हैं तथा 40 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। वर्तमान में वे कॉर्पोरेट रणनीति एवं प्रौद्योगिकी नवाचार से जुड़ी पहलों का नेतृत्व कर रहे हैं और उभरते प्रौद्योगिकी उद्यमों को मार्गदर्शन भी प्रदान कर रहे हैं।

परियोजना की जानकारी साझा करते हुए प्रो. पबित्र रंजन मैती, प्रोफेसर-इन-चार्ज, इंस्टीट्यूट वर्क्स डिपार्टमेंट ने बताया कि प्रस्तावित सुविधा को एक बहुउद्देशीय, छात्र-केंद्रित परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें शैक्षणिक, तकनीकी, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए आधुनिक संस्थागत अवसंरचना उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित केंद्र में 204 सीटों वाला सीनेट हॉल, 138 सीटों वाला मल्टीपर्पज हॉल, दो सेमिनार हॉल, कैफेटेरिया स्पेस, 562 सीटों वाला ऑडिटोरियम, छह गतिविधि क्षेत्र तथा एक ओपन थिएटर विकसित किए जाएंगे। यह केंद्र शैक्षणिक विमर्श, संस्थागत आयोजनों, नवाचार आधारित सहभागिता एवं सहयोगात्मक अधिगम को बढ़ावा देने वाला समावेशी और गतिशील मंच सिद्ध होगा।

इस अवसर पर प्रो. अमित पात्रा, निदेशक, आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी ने कहा कि हम डॉ. राज यावतकर के उदार सहयोग और अपनी मातृ संस्था के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता के लिए उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। उनका योगदान आईआईटी (बीएचयू) और उसके पूर्व छात्र समुदाय के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाता है तथा यह प्रदर्शित करता है कि पूर्व छात्रों का नेतृत्व भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्थायी प्रभाव उत्पन्न कर सकता।

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