वाराणसी , अक्टूबर 15 -- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-बीएचयू में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुपालन में नवप्रवेशी छात्रों की यूरिन आधारित ड्रग जांच की जाएगी। इसके लिए संस्थान ने नौ सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।
आईआईटी-बीएचयू के अधिष्ठाता (छात्र कल्याण) प्रो. राजेश कुमार ने बताया कि मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत इस संबंध में नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। जांच की पूरी प्रक्रिया में छात्रों की गोपनीयता सुनिश्चित की जाएगी।
जांच समिति के अध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार होंगे। समिति में अधिष्ठाता (शैक्षणिक कार्य) प्रो. देवेन्द्र सिंह, सह अधिष्ठाता (छात्र कल्याण) प्रो. मेधा झा, सह अधिष्ठाता (एससीएस) प्रो. अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, एससीएस के संकाय समन्वयक डॉ. अजीत कुमार मिश्रा, बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) के फार्माकोलॉजी विभाग की प्रो. किरण गिरी, जैव रसायन विभाग के अध्यक्ष प्रो. कमलेश पालंदुरकर, पैथोलॉजी विभाग की डॉ. दीपा रानी और एससीएस के संयोजक श्री तुषार सदस्य के रूप में शामिल हैं।
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