वाराणसी , मई 21 -- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-बीएचयू) में स्कूल ऑफ बायोकेमिकल इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर डॉ. आदित्य कुमार पाधी को वर्ष 2026 के लिए 'भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी' (आईएनएसए) का 'यंग एसोसिएट' चुना गया है।
उनका चयन "बायोमॉलिक्यूलर, स्ट्रक्चरल बायोलॉजी एंड ड्रग डिस्कवरी" (बायोकैमिस्ट्री, बायोफिजिक्स, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, फार्माकोलॉजी, स्ट्रक्चरल बायोलॉजी, बायोइन्फॉर्मेटिक्स, कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी और सिस्टम्स बायोलॉजी) श्रेणी में हुआ है। इस वर्ष इस श्रेणी में देश भर से चयनित होने वाले डॉ. पाधी एकमात्र शोधकर्ता हैं। इसके साथ ही, वह इस वर्ष आईआईटी बीएचयू से इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुने गए एकमात्र वैज्ञानिक भी हैं, जिससे संस्थान का गौरव बढ़ा है।
डॉ. पाधी का शोध कार्य मुख्य रूप से कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी, स्ट्रक्चरल एवं ट्रांसलेशनल बायोइन्फॉर्मेटिक्स, कम्प्यूटेशनल बायोफिजिक्स, बायोमॉलिक्यूलर मॉडलिंग एवं सिमुलेशन तथा एआई/एमएल आधारित चिकित्सीय खोज जैसे अंतर्विषयक क्षेत्रों पर केंद्रित है। वह अपने शोध में प्रोटीन डिजाइन, मॉलिक्यूलर डायनेमिक्स सिमुलेशन, मशीन लर्निंग, क्यूएम/एमएम पद्धतियों, म्यूटेशनल मैपिंग तथा प्रेडिक्टिव मॉडलिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। इनके माध्यम से वह गंभीर बीमारियों की कार्यप्रणाली, रोगजनकों के विकास, एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध तथा बायोमॉलिक्यूलर इंटरैक्शन का गहन अध्ययन कर रहे हैं।
उनका कार्य प्रोटीन इंजीनियरिंग, म्यूटेशन पूर्वानुमान, संक्रामक रोग अनुसंधान तथा डेटा-आधारित चिकित्सीय विकास जैसे क्षेत्रों तक विस्तृत है, जो जैव-चिकित्सा विज्ञान एवं स्वास्थ्य नवाचार के क्षेत्र में अहम योगदान दे रहा है।
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