वाराणसी , मई 20 -- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) ने अपने छात्रावासों में खाद्य अपशिष्ट के प्रभावी प्रबंधन के लिए एक अभिनव एवं सामाजिक रूप से उत्तरदायी पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य न केवल परिसर में स्वच्छता सुनिश्चित करना है, बल्कि अतिरिक्त भोजन का सार्थक उपयोग कर जरूरतमंद लोगों तक पहुँचाना भी है।

संस्थान में वर्तमान में 12 बालक छात्रावास एवं चार बालिका छात्रावास संचालित हैं, जहाँ लगभग 8,500 विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि भोजन तैयार किया जाता है। इस विशाल व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए खाद्य अपशिष्ट के सुव्यवस्थित एवं प्रभावी प्रबंधन के लिए एक संगठित प्रणाली विकसित की गई है।

प्रो. राकेश कुमार सिंह, अध्यक्ष, काउंसिल ऑफ वार्डन्स के नेतृत्व में लागू की गई इस व्यवस्था के तहत सभी छात्रावासों से प्रतिदिन तीन बार खाद्य अपशिष्ट एकत्र किया जाता है। काउंसिल ऑफ वार्डन्स कार्यालय द्वारा अधिकृत एक एजेंसी को खाद्य अपशिष्ट के नियमित संग्रहण एवं उचित प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस पहल के अंतर्गत प्लेटों से बचा हुआ खाद्य अपशिष्ट पशुओं के चारे के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जबकि छात्रावास की रसोई में बचा अतिरिक्त एवं अप्रयुक्त भोजन स्वच्छ एवं सुरक्षित तरीके से एकत्र कर चित्तूपुर, सीर गोवर्धन तथा बीएचयू परिसर के बाहर स्थित आसपास के बाईपास क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद एवं वंचित लोगों में वितरित किया जा रहा है।

इस पहल के बारे में अध्यक्ष, काउंसिल ऑफ वार्डन्स प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि यह व्यवस्था छात्रावासों में स्वच्छता को बेहतर बनाने के साथ-साथ अतिरिक्त भोजन के जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करेगी और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।

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