वाराणसी , सितंबर 18 -- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय), वाराणसी (आईआईटी बीएचयू) और यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन एन आर्बर के बीच इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और सतत परिवहन के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए समझौता हुआ है। दोनों संस्थानों ने संयुक्त अनुसंधान, नवाचार और अकादमिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

संस्थान की ओर से शुक्रवार को बताया गया कि एमओयू पर आठ सितंबर 2026 को यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन स्थित इलेक्ट्रिक व्हीकल सेंटर (ईवीसी) में आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा और यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के एसोसिएट डीन फॉर रिसर्च प्रो. टॉड एलन ने हस्ताक्षर किए।

आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के इलेक्ट्रिक व्हीकल सेंटर का दौरा किया। इस दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों और सतत परिवहन के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी नवाचार तथा अकादमिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

प्रो. पात्रा ने आईआईटी बीएचयू द्वारा ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में किए जा रहे अनुसंधान कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता को एक साथ लाकर इलेक्ट्रिक वाहन प्रणालियों के क्षेत्र में नए अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर भी मिलेंगे।

आईआईटी बीएचयू के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख एवं सेंटर फॉर ट्रांसपोर्टेशनल ई-मोबिलिटी (सीटीईएम) के समन्वयक प्रो. राजीव कुमार सिंह ने दोनों संस्थानों के बीच चल रही दो स्वीकृत परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने संस्थान में चल रही अन्य परियोजनाओं में भी यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के साथ सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। बैठक में आईआईटी बीएचयू के डॉ. देबदीप भंडारी, डॉ. अबीर घोष, डॉ. उदिता घोष और डॉ. प्रद्युत धर ने ऑनलाइन भाग लिया।

आईआईटी बीएचयू के प्रतिनिधिमंडल में निदेशक प्रो. अमित पात्रा, विद्युत अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव कुमार सिंह, डीन (रिसोर्स एवं एल्युमनी) प्रो. हीरालाल प्रामाणिक, विशिष्ट पूर्व छात्र विष्णु नारायणन तथा वरिष्ठ पूर्व छात्र डॉ. श्री मिर्ले शामिल थे।

यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन की ओर से इलेक्ट्रिक व्हीकल सेंटर के निदेशक प्रो. एलन टॉब, ईवीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. क्रिस्टोफ मैंगिन, कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के एसोसिएट डीन फॉर रिसर्च प्रो. टॉड एलन, प्रो. जेसन सीगल, प्रो. हीथ हॉफमैन और प्रो. अमित मिश्रा उपस्थित थे।

बैठक के दौरान दोनों संस्थानों ने दो स्वीकृत परियोजनाओं के साथ-साथ भविष्य में शुरू की जाने वाली परियोजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। उन्नत सामग्रियों (एडवांस्ड मैटेरियल्स) के क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। दोनों संस्थानों ने संयुक्त अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए एक मैटेरियल्स रिसर्च टीम गठित करने पर सहमति जताई। यह टीम दीर्घकालिक अनुसंधान की दिशा तय करने के साथ विस्तृत श्वेत पत्र (व्हाइट पेपर) तैयार करने की दिशा में भी कार्य करेगी।

इस दौरान यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के साथ अन्य संभावित सहयोग के क्षेत्रों पर भी चर्चा हुई। साथ ही दोनों संस्थानों के बीच पूर्व छात्रों और संस्थागत स्तर पर संपर्क को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

आईआईटी बीएचयू और यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के बीच हुआ यह एमओयू इलेक्ट्रिक वाहन एवं सतत परिवहन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान सहयोग को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे संयुक्त अनुसंधान, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के अकादमिक आदान-प्रदान तथा नई तकनीकों के विकास के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

आईआईटी बीएचयू ने यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन और उसके इलेक्ट्रिक व्हीकल सेंटर के अधिकारियों के प्रति आतिथ्य एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

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