रुड़की , जुलाई 14 -- उत्तराखंड में रुड़की स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी) ने शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की पहल मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (एमएमटीटीपी) के अंतर्गत आठ से 12 जुलाई के दौरान नर्चरिंग फ्यूचर लीडरशिप प्रोग्राम (एनएफएलपी) के 10वें बैच का सफल आयोजन किया।
इस पांच दिवसीय आवासीय कार्यक्रम का उद्देश्य संकाय सदस्यों एवं शैक्षणिक प्रशासकों की नेतृत्व क्षमताओं को सुदृढ़ करना तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में नवाचार, संस्थागत उत्कृष्टता एवं प्रभावी प्रशासन को बढ़ावा देना था।
इस कार्यक्रम में देशभर के लगभग 20 विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों से 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे शैक्षणिक नेतृत्व से जुड़ी सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान तथा सहयोगात्मक अधिगम के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध हुआ।
आईआईटी द्वारा मंगलवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार इस दौरान, 20 विषयगत सत्रों से युक्त व्यापक पाठ्यक्रम में परिवर्तनकारी नेतृत्व, संस्थागत प्रशासन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, विकसित भारत 2047, नवाचार एवं डिज़ाइन थिंकिंग, सार्वभौमिक मानवीय मूल्, संगठनात्मक व्यवहार, प्रेरणा, टीम निर्माण तथा लैंगिक संवेदनशीलता जैसे प्रमुख विषयों को शामिल किया गया।
इन सत्रों का संचालन प्रख्यात शिक्षाविदों, प्रशासकों, उद्योग विशेषज्ञों एवं वरिष्ठ लोक अधिकारियों द्वारा किया गया, जिनमें प्रो. के. के. पंत, प्रो. प्रवीण कुमार, प्रो. नवीन के. नवानी, प्रो. मीनाक्षी रावत, डॉ. तुहीना मुखर्जी, डॉ. अरुण भारद्वाज, डॉ. हिताशी लोमाश, प्रो. एच. सी. पोखरियाल, प्रो. सोनल अत्रेया, प्रो. आर. प्रदीप कुमार, एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी तथा श्री सेंथिल अवूदाई कृष्णा राज, आईपीएस शामिल थे। अनुभवात्मक अधिगम के अंतर्गत प्रतिभागियों ने देहरादून स्थित लेखक गाँव का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' एवं विदुषी पोखरियाल के साथ संवाद किया।
इस संवाद ने भविष्य के शैक्षणिक नेताओं के निर्माण में साहित्य, सांस्कृतिक विरासत, नैतिक नेतृत्व तथा मूल्य-आधारित शिक्षा की भूमिका को रेखांकित किया।
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