पुणे, जून 19 -- पुणे स्थित भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) ने आर्यभट्ट अवलोकन विज्ञान अनुसंधान संस्थान (एआरआईएस),नैनीताल के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये हैं।
इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन पर सहयोगात्मक अनुसंधान और मौसम संबंधी मापदंडों तथा जलवायु-सक्रिय सूक्ष्म गैसों, जैसे ग्रीनहाउस गैसें, अल्पकालिक जलवायु कारक और मृदा नमी आदि पर लंबी अवधि तक अवलोकन को बढ़ावा देना है। इसका उद्देश्य भारत जलवायु अवलोकन नेटवर्क (बीसीओएन) के अंतर्गत एआरआईएस, देवस्थल में एक जलवायु अवलोकन केंद्र स्थापित करना है।
इस एमओयू पर आईआईटीएम के निदेशक डॉ. ए. सूर्यचंद्र राव और नैनीताल स्थित एआरआईएस के निदेशक डॉ. मनीष कुमार नाजा ने गुरूवार को ऑनलाइन माध्यम से हस्ताक्षर किये।
देवस्थल स्थित एआरआईईएस उच्च पर्वतीय चोटी उन्नत वायुमंडलीय अवलोकन के लिए एक अनूठा वातावरण प्रदान करती है। इसका अपेक्षाकृत स्वच्छ वातावरण आधारभूत वायुमंडलीय विशेषताओं को समझने, ग्रीनहाउस गैसों का अध्ययन करने, जलवायु संबंधी प्रदूषकों के परिवहन का अध्ययन करने और हिमालयी क्षेत्र में जलवायु प्रक्रियाओं की गतिशीलता को समझने के लिए आदर्श परिस्थितियां प्रदान करता है।
बीसीओएन भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) के तहत आईआईटीएम द्वारा कार्यान्वित एक राष्ट्रीय अवलोकन संबंधी पहल है, जिसका उद्देश्य पूरे देश में लंबी अवधि तक, बेहतर जलवायु निगरानी ढांचा विकसित करना है। बीसीओएन एक मजबूत राष्ट्रीय डेटाबेस विकसित करेगा जो दीर्घकालिक रुझानों का पता लगाने में सहायता करेगा, जलवायु परिवर्तन अनुसंधान को आगे बढ़ाएगा और जलवायु आकलन और साक्ष्य आधारित नीति विकास के लिए भारत की क्षमता को मजबूत करेगा।
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