नयी दिल्ली 17 जून (वार्ता) भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (आईआईआईडीईएम) ने अपना 15वां स्थापना दिवस मनाते हुए 16-17 जून को यहाँ क्षमता निर्माण और रणनीतिक रोडमैप पर दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया।

चुनाव आयोग ने बुधवार को बताया कि इस सम्मेलन में 450 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया जिनमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर के मास्टर प्रशिक्षक, शैक्षणिक सहयोगी, निर्वाचन आयोग के अधिकारी तथा दिल्ली के बीएलओ पर्यवेक्षक शामिल हुए।

इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि लोकसभा चुनावों के दौरान आईआईआईडीईएम लगभग 1.8 करोड़ चुनाव कर्मियों के प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी अधिकारी संविधान, कानूनों और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप कार्य करें।

चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि आईआईआईडीईएम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनाव प्रबंधन प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक प्रमुख संस्थान के रूप में अपनी भूमिका और मजबूत कर सकता है। वहीं आईआईआईडीईएम के महानिदेशक राकेश शर्मा ने संस्थान को चुनाव प्रबंधन, शिक्षा और शोध से जुड़े विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने वाला अनूठा केंद्र बताया।

आयोग ने कहा कि सम्मेलन में चार रणनीतिक स्तंभों राष्ट्रीय कार्यक्रमों को सुदृढ़ करना, वैश्विक साझेदारियों का विस्तार, शोध एवं ज्ञान विकास को बढ़ावा देना तथा टिकाऊ लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई। प्रशिक्षण नीति, ज्ञान प्रबंधन, प्रशिक्षकों की तैयारी और मतदाता जागरूकता के लिए वीडियो एवं लघु नाटकों की समीक्षा जैसे विषय भी एजेंडे में शामिल रहे।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 से अब तक आईआईआईडीईएम ने 1,885 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 1.20 लाख से अधिक प्रतिभागियों तक अपनी पहुंच बनायी है। संस्थान की अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण गतिविधियां 142 देशों तक फैली हुई हैं।

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