श्रीकाकुलम , अप्रैल 23 -- वाईएसआर कांग्रेस ने मांग की है कि श्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली आंध्र प्रदेश सरकार आरोग्यश्री योजना के सभी बकाया का बिना किसी शर्त के भुगतान करे।
इसके साथ ही वाईएसआरसीपी ने प्रस्तावित पांच-वर्षीय 'स्वास्थ्य निवेश नीति' का मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि यह इस बात का संकेत है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है।
पूर्व मंत्री सीडिरी अप्पाला राजू ने गुरुवार को यहां मीडिया से बात करते हुए कहा कि गठबंधन सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य का निजीकरण करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ते हुए 3,200 करोड़ रुपये के बकाया को चुकाने के लिए किया गया त्रिपक्षीय समझौता नेटवर्क अस्पतालों के लिए बेहद नुकसानदेह है, और इसका उद्देश्य उन्हें बीमा कंपनियों के माध्यम से निजीकरण के लिए सहमत होने पर मजबूर करना है।
समझौते के अनुसार, आरोग्यश्री ट्रस्ट 'राज्य विद्युत निगम' से ऋण लेगा, और किसी भी चूक की स्थिति में इसका बोझ नेटवर्क अस्पतालों को ही उठाना पड़ेगा। इतना ही नहीं, नेटवर्क अस्पतालों के बकाया को चुकाने के लिए उस ऋण पर लगने वाला ब्याज भी सरकार द्वारा इन अस्पतालों को किए जाने वाले भुगतान में से ही काट लिया जाएगा।
उन्होंने इस समझौते को बेतुका करार दिया, क्योंकि ऋण नेटवर्क अस्पतालों का बकाया चुकाने के लिए लिया गया है, फिर भी उन्हें ही ब्याज का बोझ उठाना पड़ रहा है और चूक होने पर ऋण भी चुकाना पड़ रहा है। इस तरह की व्यवस्था पहले कभी नहीं देखी गई।
वाईएसआरसीपी नेता ने कहा कि अपने 20 वर्षों के अस्तित्व में आरोग्यश्री योजना को गठबंधन सरकार के शासनकाल जैसी विपरीत परिस्थितियों का सामना पहले कभी नहीं करना पड़ा। उन्होंने बताया कि दो मौकों पर सेवाएं बाधित हुईं, जिसके चलते राज्य सरकार को त्रिपक्षीय समझौते के माध्यम से 'एकमुश्त निपटान योजना' लानी पड़ी।
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