एलुरु , मई 09 -- आंध्र प्रदेश के देवस्थानम मंत्री आनम रामनारायण रेड्डी ने कहा है कि आगामी गोदावरी पुष्करम उत्सव से पहले गोदावरी नदी के किनारे स्थित 43 मंदिरों का 54.71 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया जायेगा। उन्होंने दैनिक अनुष्ठान करने और पुजारियों को मानदेय देने के लिए 6,200 मंदिरों को धन उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
श्री रेड्डी ने शनिवार को मंदिर नगरी द्वारका तिरुमाला में 29 करोड़ रुपये की लागत से किये गये विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन किया। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि गोदावरी पुष्करम 26 जून, 2027 से 7 जुलाई तक आयोजित किये जाएंगे, जिसमें 12 करोड़ से अधिक लोग भाग लेंगे। गोदावरी पुष्करम के लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्था की जा रही है और समय-समय पर उनकी समीक्षा भी की जा रही है।
देवस्थानम मंत्री ने कहा, "गोदावरी नदी के तट पर स्थित 43 मंदिरों का 54.71 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया जा रहा है। मंदिरों के विकास के लिए दिये गये 11 आश्वासनों को पूरा कर लिया गया है। श्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार द्वारा उठाये गये कदमों के कारण, मंदिरों में भक्तों की भीड़ में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।"सरकार 6,200 मंदिरों को दैनिक अनुष्ठान संपन्न करने और मंदिर के पुजारियों को मानदेय वितरित करने के लिए 74.74 करोड़ रुपये की सहायता दे रही है। मंत्री ने कहा कि 27,000 मंदिरों के पुराने गौरव को वापस लाने के लिए कदम उठाए गये हैं।
श्री रेड्डी ने बताया कि 691 मंदिरों में 812.67 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य शुरू किये गये हैं। सनातन धर्म की रक्षा के लिए, श्रीवाणी ट्रस्ट के कोष से उन बस्तियों में 5,000 भजन मंदिर (छोटे मंदिर) बनाए जाएंगे जहाँ कोई मंदिर नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ऐसे 25 से 30 छोटे मंदिरों का निर्माण किया जायेगा।
उन्होंने विधायकों से इसके लिए प्रस्ताव भेजने को कहा। मंत्री ने सूचित किया कि अब तक सरकार को भजन मंदिरों के निर्माण के लिए 1,059 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके लिये 181.10 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं।
मंत्री ने खेद व्यक्त किया कि युवा वैदिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि यहां तक कि पुजारियों और वैदिक विद्वानों के बच्चे भी वैदिक शिक्षा में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार प्रत्येक वैदिक छात्र को तीन वर्षों के लिये 3,000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान कर रही है।
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