राजमहेंद्रवरम , जून 03 -- आंध्र प्रदेश में पोलावरम जिले के गंगनम पालेम गांव में बुधवार तड़के एक बाघ भटककर घुस आया और कम से कम 13 बछड़ों को मार डाला।

वन विभाग का एक दल, जिसमें लगभग 100 कर्मी शामिल हैं, बाघ को पकड़ने के प्रयास में गंगनम पालेम गांव में घटनास्थल पर पहुंचा। इस टीम में आंध्र प्रदेश वन विभाग मुख्यालय के मुख्य वन्यजीव वार्डन एन नागेश्वर राव, मुख्य वन संरक्षक (राजमहेंद्रवरम) डॉ. ज्योति, रम्पाचोडवरम के प्रभागीय वन अधिकारी एन रामचंद्र राव, राजमहेंद्रवरम फ्लाइंग स्क्वाड के प्रभागीय वन अधिकारी टी श्रीनिवास राव, रम्पाचोडवरम के उप-प्रभागीय वन अधिकारी टी अनुषा, अडातीगला के उप-प्रभागीय वन अधिकारी जेवी सुब्बारेड्डी, इंदुकुरु के वन परिक्षेत्र अधिकारी कोंडला राव और फोल्क्सुपेटा के वन परिक्षेत्र अधिकारी श्रीनिवास राव शामिल थे।

इस टीम में 6 त्वरित बचाव दल (आरआरटी), 5 जन जागरूकता टीमें, 4 बेहोश करने वाली टीमें, 2 ड्रोन टीमें, 1 पिंजरा टीम, 1 वन्यजीव एम्बुलेंस टीम और 19 "हनुमान" टीमें शामिल थीं - जिनमें अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी तैनात थे।

वन अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि हनुमान तलाशी दलों ने आसपास के गांवों के निवासियों को इलाके में बाघ के घूमने के संबंध में सतर्क कर दिया है। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बाघ के हमले में अपने मवेशियों को खोने वाले किसानों को आश्वासन दिया कि उन्हें तत्काल मुआवजा मिलेगा।

वन विभाग ने जनता की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिये पोथावरम-दांदांगी मार्ग को बंद कर दिया है और एहतियाती उपाय लागू किये हैं। सभी हनुमान टीमें हाई अलर्ट पर हैं और स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही हैं।

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