विशाखापत्तनम , अक्टूबर 17 -- दक्षिण तटीय रेलवे (एससीओआर) ने गुंतकल मंडल में अडोनी, इसिवी, कुप्पागल तथा कोस्गी स्टेशनों के बीच 28.112 मार्ग किलोमीटर लंबे दोहरी लाइन खंड पर स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग (एबीएस) शुरू कर दी है और इसके साथ ही गुंतकल-रायचूर रेल गलियारे में स्वचालित सिग्नलिंग का काम पूरा हो गया है।
एससीओआर के अनुसार, यह काम 16 अक्टूबर को सुरक्षा और रेल लाइन की क्षमता बढ़ाने की व्यापक परियोजना के तहत पूरा किया गया। इस परियोजना के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी प्रदान की गयी थी। इसके साथ ही रेलवे जोन के नेटवर्क में स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग की कुल लंबाई बढ़कर 105 मार्ग किलोमीटर हो गयी है।
नये सिग्नलिंग वाले खंड में अडोनी-इसिवी के बीच 6.64 मार्ग किलोमीटर, इसिवी-कुप्पागल के बीच 7.79 मार्ग किलोमीटर और कुप्पागल-कोस्गी के बीच 13.68 मार्ग किलोमीटर का हिस्सा शामिल है। इस तरह कुल 28.112 मार्ग किलोमीटर और 56.224 ट्रैक किलोमीटर रेल लाइन पर यह व्यवस्था शुरू की गयी है।
उन्नत सिग्नलिंग व्यवस्था वाले इस खंड में फ्राउशर कंपनी के निर्मित दोहरे मल्टी-सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर (एमएसडीएसी) लगाए गये हैं। इनमें ट्रेन की स्थिति का पता लगाने के लिए 178 डिटेक्शन पॉइंट हैं।
इस परियोजना के तहत मुख्य रेल लाइन पर 38 नये सिग्नल, स्टेशनों पर 24 अर्ध-स्वचालित सिग्नल और एबीएस के लिए पांच विशेष केबिन भी शुरू किये गये हैं।
समपार फाटकों पर सुरक्षा उपायों के तहत समपार फाटक संख्या 204 को सिग्नलिंग नेटवर्क के साथ इंटरलॉक किया गया है। समपार फाटक संख्या 195, 199, 201, 204 और 205 पर एप्रोच लॉकिंग तथा ध्वनि और दृश्य आधारित चेतावनी प्रणालियां भी शुरू की गयी हैं। सिग्नलिंग व्यवस्था में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पांच एकीकृत विद्युत आपूर्ति इकाइयां, वास्तविक समय में निगरानी और जांच संबंधी रिपोर्ट तैयार करने के लिए पांच डेटा लॉगर तथा 16 यूनिवर्सल फेल-सेफ ब्लॉक इंटरफेस सेट लगाए गये हैं। इनके साथ नॉन-वाइटल मल्टीप्लेक्सर भी लगाये गये हैं।
दक्षिण तटीय रेलवे के महाप्रबंधक संदीप माथुर ने परियोजना शाखा तथा सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के अधिकारियों, इंजीनियरों और मैदानी कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने नियमित रेल परिचालन में बाधा डाले बिना सिग्नलिंग व्यवस्था शुरू करने का काम सुचारु रूप से पूरा करने के लिए उनकी प्रशंसा की।
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