विजयवाड़ा , जून 20 -- मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने 12वें विश्व योग-दिवस की पूर्व संध्या पर योग और आध्यात्म को देश की अनमोल विरासत बताते हुए आंध्र प्रदेश को देश की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के अपने संकल्प की घोषणा की।

श्री नायडू ने शनिवार को योग गुरु स्वामी रामदेव के साथ योग और अध्यात्म के प्रोत्साहन के लिये आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसार आंध्र प्रदेश की नयी राजधानी अमरावती को विश्व के एक सबसे सुंदर और प्रदूषण मुक्त शहर के रूप में विकसित करने और आंध प्रदेश को जैविक खेती के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने के अपनी सरकार के संकल्प को भी दोहराया। विजयवाड़ा के समीप शेषनाग की शय्या पर विराजमान भगवान पद्मनाभ की विश्व प्रसिद्ध प्रतिमा के लिए विख्यात छठीं और सातवीं शताब्दी की प्रसिद्ध उंदावल्ली गुफाओं के उद्यान में आयोजित इस कार्यक्रम में योगगुरु के साथ श्री नायडू योग क्रियाओं के लिए बनाए गये खुले मंच पर पालथी मार कर करीब एक घंटे तक बैठे रहे। उनके साथ उनके स्वास्थ्य मंत्री सत्यकुमार यादव भी थे।

श्री नायडू ने कहा कि वह पिछले तीन दशक से आंध प्रदेश में प्रौद्योगिकी आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में लगे हैं और बाबा रामदेव योग आधारित जीवन को प्रोत्साहित करने में लगे हैं, साथ ही वह जीवन तथा समाज के लिए भारत के योग, आध्यात्म तथा परिवार की मजबूत संस्कृति को एक अमूल्य धरोहर मानते हैं। आधुनिक विश्व में उथल-पुथल और व्यक्तिगत जीवन में तनाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा , "टेक (प्रौद्योगिकी) और आध्यात्म दोनों साथ-साथ चलना चाहिए।.. मैं संस्कृति और आध्यात्म को भी बढ़वा देना चाहता हूं।"इस अवसर पर उन्होंने नयी राजधानी और आंध प्रदेश के विकास के बारे में अपनी सोच को उजागर करते हुए कहा, "मैं आंध्र प्रदेश को भारत की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के अपने सपने के बारे में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं, प्रशासन के लोगों और आम जनता को बोलता रहता हूं, उन्हें प्रेरित करा रहता हूं।"नयी राजधानी के बारे में मुख्यमंत्री नायडू ने कहा, "उंदावल्ली गुफाएं आंध्र प्रदेश की अमरावती के क्षेत्र में आती हैं। पौराणिक अमरावती देवराज इंदर की राजधनी थी, नया अमरावती शहर भविष्य का शहर होगा, एक बहुत ही आधुनिक और सुंदर शहर... वहां प्रदूषण नहीं होगा । हरित ऊर्जा के उत्पादन और उपयोग को प्रोत्साहन दिया जाएगा।" उन्होंने इस अवसर पर उन 29 हजार किसानों का आभार जताया जिन्होंने आंध्र प्रदेश की नयी राजधानी के विकास के लिए स्वयं बिना कुछ लिए 'लैंड-पूलिंग' के माध्यम से 33000 एकड़ जमीन दी है। उन्होंने आंध्र प्रदेश के किसानों के इस सहयोग को विश्व का एक अनूठा उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री ने पूरे आंध्र प्रदेश में हरित क्षेत्र का विस्तार करने ओर इसे 50 प्रतिशत तक ले जाने के संकल्प की जानकारी दी उनके अनुसार इस समय हरित क्षेत्र 32 प्रतिशत के आस पास है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार प्रदेश में 50 लाख एकड़ कृषि को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाना चाहती है। राज्य के किसाना करीब 20 लाख एकड़ जमीन में प्राकृतिक तरीके से खेती कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "आंध्र प्रदेश देश और विश्व के लोगों के लिए रसायन मुक्त कृषि खाद्यों का उत्पादन करेगा।"इसी मंच से उन्होंने योग को जनांदोलन का रूप देने के लिए योगगुरु बाबा रामदेव की सराहना कि और इसे देश के प्रति उनका महती योगदान बताया। योग को भारत की संस्कृति और अमोल धरोहर बताते हुए इसे विश्व भर में मान्यता दिलाने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के प्रति आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में भारत के प्रयास से संयुक्त राष्ट्र के 177 देशों ने 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाने का संकल्प पारित किया और इस वर्ष रविवार को 190 देशों में इस उपलक्ष्य में कार्यक्रम होंगे।

बाबा रामदेव ने मुख्यमंत्री नायडू को 'एक कर्मयोगी और योग प्रेमी' नेता बताते हुए प्राकृतिक खेती और आध्यात्मिक आंध्र प्रदेश के उनके संकल्पों में पतंजलि समूह की ओर से पूरे सहयोग की घोषणा की। उन्होंने कहा, "श्री नायडू कर्मयोगी हैं, सबके सहयोगी हैं और सभी वर्गों तथा संप्रदायों के नेता है। जिस जोश, लगन और ईमानदारी से मुख्यमंत्री नायडू आंध्र प्रदेश में काम करते आ रहे हैं, वैसा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी करें तो विकसित भारत का प्रधानमंत्री का सपना 2047 की जगह 2037 में पूरा हो जाएगा।"श्री नायडू कल सुबह योग दिवस पर विजयवाडा में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाग लेंगे। उन्होंने इसके लिए बाबा रामदेव को विशेष रूप से आमंत्रित किया है।

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