विजयवाड़ा , अक्टूबर 04 -- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को राज्य को एक 'ग्लोबल नॉलेज हब' (वैश्विक ज्ञान केंद्र) के रूप में विकसित करने के लिए आईआईटी पेशेवरों से सहयोग का आह्वान किया।इसके साथ ही उन्होंने डीपटेक स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये के 'पैन-आईआईटी वेंचर फंड' की स्थापना करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने यहाँ आयोजित 'पैन आईआईटी आंध्र प्रदेश सम्मेलन 2026' के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आईआईटी के पूर्व छात्रों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों और सरकार के सामूहिक प्रयास राज्य के तकनीकी और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। श्री नायडू ने बताया कि देश के 23 आईआईटी से अब तक लगभग पांच लाख छात्र उत्तीर्ण हो चुके हैं, जो दुनिया भर में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के लिए नए विचारों के आदान-प्रदान, उभरती तकनीकों पर चर्चा और उनके व्यावहारिक उपयोग की संभावनाओं को तलाशने का एक मूल्यवान मंच प्रदान करता है। उन्होंने उल्लेख किया, "अमरावती में पैन-आईआईटी वर्ल्ड काउंसिल की स्थापना से दुनिया का सबसे बड़ा अकादमिक और पेशेवर नेटवर्क तैयार होगा। देशभर से बड़ी संख्या में आईआईटी के पूर्व छात्रों की भागीदारी आंध्र प्रदेश की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रमाण है।"श्री नायडू ने क्वांटम तकनीक का उल्लेख करते हुए बताया कि कंपनियों के अनुसार अगले दो वर्षों में वाणिज्यिक क्वांटम कंप्यूटर का निर्माण शुरू हो सकता है। अमरावती में प्रस्तावित 156-क्यूबिट क्वांटम सिस्टम के चालू होने से पहले ही 'क्यू-शिव' सिस्टम सहित मिनी क्वांटम टेस्ट लैब उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आईबीएम-टीसीएस और एलएंडटी द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया जा रहा आगामी क्वांटम कंप्यूटर जल्द ही अमरावती से अपना संचालन शुरू करेगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित