पोलावरम , जुलाई 27 -- आंध्र प्रदेश के पोलावरम जिले के एर्लापल्ली गांव में सोमवार को 10वीं कक्षा की एक आदिवासी छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस ने बताया कि मृतक छात्रा की पहचान मुर्राम शिवानी (14) के रूप में हुई है, जो रंपचोडावरम के सरकारी उच्च विद्यालय में 10वीं कक्षा में पढ़ती थी। वह कमरे में छत के पंखे से लटकी हुई पाई गई। पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।

विशेष बात यह है कि शिवानी ने पिछले सप्ताह रंपचोडावरम में आयोजित 'विशाल अभिभावक शिक्षक बैठक' में भाग लिया था, जहां मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद थे। इस अवसर पर शिवानी ने मुख्यमंत्री के सामने सभा को संबोधित किया था और उनसे प्रशंसा प्राप्त की थी। मुख्यमंत्री ने शिवानी की सराहना की थी, लेकिन आज उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

पुलिस को संदेह है कि पारिवारिक विवादों के कारण छात्रा ने यह कदम उठाया। स्थानीय विधायक सिरिशा देवी ने मृतक छात्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आज यहां जारी एक संदेश में छात्रा की आत्महत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने याद किया कि उसने अभिभावक शिक्षक बैठक में सक्रिय रूप से भाग लिया था और उनसे कहा था कि वह अच्छी पढ़ाई करके ऊंचाइयों को छुएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, "आदिवासी छात्रा शिवानी के निधन से मुझे बहुत दुख हुआ है। अपने सपनों को पूरा किए बिना ही वह इस दुनिया को छोड़ गयी। युवाओं को मानसिक तनाव से उबरना चाहिए और दबाव के आगे नहीं झुकना चाहिए। समस्या चाहे जो भी हो, उसका समाधान निकाला जा सकता है। अपनी समस्या अपने परिवार के सदस्यों और मित्रों के साथ साझा करें। सरकार आपके साथ खड़ी रहेगी।" उन्होंने पुलिस को उसकी मौत की जांच के आदेश दिये हैं।

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