नयी दिल्ली , अक्टूबर 18 -- मौसम विभाग (आईएमडी) ने रविवार को तटीय आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश और रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही 24 अक्टूबर तक कई दक्षिणी राज्यों में जबरदस्त बारिश का अनुमान जताया है।

अगले सात दिनों के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। पूर्वानुमान बुलेटिन में कहा गया है कि 18 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और कुछ स्थानों पर और अधिक बारिश हो सकती है।

रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है, जबकि केरल और माहे में भारी बौछारें पड़ सकती हैं। विभाग ने 18 से 23 अक्टूबर के दौरान तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और कराईकल में अधिकतर स्थानों पर मध्यम से व्यापक बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

दिनवार पूर्वानुमान के अनुसार, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और कराईकल में 20 अक्टूबर को अधिक बारिश का एक और दौर आने के आसार हैं, जिसके बाद 24 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 18 से 24 अक्टूबर तक केरल एवं माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में, 20 से 24 अक्टूबर तक लक्षद्वीप में तथा 20 से 22 अक्टूबर के दौरान तटीय कर्नाटक में जबरदस्त बारिश का अनुमान है।

मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु तटों पर ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर एक और चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है, जो 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके प्रभाव से 19 अक्टूबर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने का अनुमान है।

आंध्र प्रदेश, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 18 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक के आसार हैं। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हवा की गति 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। विभाग ने आने वाले दिनों में आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक का भी अनुमान जताया है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के कारण जलजमाव, निचले इलाकों में बाढ़, स्थानीय स्तर पर भूस्खलन, खड़ी फसलों एवं कमजोर ढांचों को नुकसान और सड़क तथा रेल यातायात में बाधा आ सकती है। इस बीच, चेन्नई के नुंगमबक्कम वेधशाला में 17 अक्टूबर सुबह 8.30 बजे से 18 अक्टूबर सुबह 5.30 बजे के बीच 16 सेमी बारिश दर्ज की गई, जबकि तमिलनाडु के अदिरामपट्टिनम में चार सेमी बारिश दर्ज हुई।

मौसम विभाग ने संवेदनशील इलाकों के लोगों को मौसम की चेतावनियों पर नजर रखने, गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लेने तथा बिजली गिरने और बाढ़ से बचाव के उपाय करने की सलाह दी है।

मौसम विभाग ने 18 से 24 अक्टूबर तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया है। इस हफ्ते उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतर हिस्सों में कोई महत्वपूर्ण मौसमी गतिविधि होने की उम्मीद नहीं है। सात दिनों की इस अवधि में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।

राजस्थान में 18 अक्टूबर को पूर्वी हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में सप्ताह भर मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। उत्तराखंड में 18 अक्टूबर और फिर 23-24 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है, वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 22 से 24 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है।उत्तरी हरियाणा और आसपास के इलाकों में समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी हवा के चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में रविवार सुबह बना हुआ था।

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