विजयवाड़ा , जुलाई 19 -- कांग्रेस पार्टी ने छात्रों से अपील की है कि वे नौ अगस्त को नयी दिल्ली में आयोजित होने वाले 'चलो दिल्ली-विद्यार्थी गर्जना' कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं।

यहां संवाददाता सम्मेलन में पूर्व केंद्रीय मंत्री जेडी सीलम ने रविवार को कहा कि 'छात्रों की गूंज' का मतलब कोटा से दिल्ली और दिल्ली से विजयवाड़ा तक 'छात्रों की आवाज' है। छात्रों की आवाज और चिंताएं पूरे देश में गूंजनी चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि यह आंदोलन भारत के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए शुरू किया गया है।

श्री सीलम ने आरोप लगाया कि 2014 से अब तक 152 बार परीक्षा के पेपर लीक हो चुके हैं, जो सरकारों के परीक्षा प्रक्रिया को अकुशल तरीके से संभालने को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परीक्षा पेपर लीक के अपराधों में अब तक किसी को भी सजा नहीं हुई है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री जेडी सीलम ने दावा किया कि दिल्ली में नीट, जेईई, एसएससी, यूजीसी-नेट, सीयूईटी, सीबीएसई की परीक्षाओं के पेपर 38 बार लीक हुए। उन्होंने ध्यान दिलाया कि आंध्र प्रदेश में भी एपी पीजी मेडिकल प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक हुआ था।

उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि पेपर लीक का सबसे बड़ा नुकसान छात्रों को भुगतना पड़ता है। छात्र एक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए पांच वर्ष तक रोजाना करीब 10 घंटे बिताते हैं। उन्होंने कहा कि परिवार अपने बच्चों की कोचिंग, किताबों, यात्रा और रहने-खाने पर लाखों रुपये खर्च करते हैं।

पूर्व मंत्री ने कहा, "पेपर लीक माफिया प्रति छात्र दो से पांच लाख रुपये तक की जबरन वसूली करते हैं और लगभग 30,000 रुपये अग्रिम मांगते हैं। वहीं कुछ संगठित नेटवर्क कथित तौर पर 10 से 15 लाख रुपये की मांग करते हैं। यह एक शिक्षा माफिया बन चुका है, जो गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का शोषण करता है।"उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कोचिंग सेंटर संचालक, बिचौलिये और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के भीतर के लोग परीक्षा पेपर लीक में शामिल हैं। जेडी सीलम ने आलोचना करते हुए कहा कि नीट के आयोजन में इतनी बुरी तरह विफल रहने के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अब तक कैबिनेट से बर्खास्त नहीं किया गया है।

आंध्र प्रदेश कांग्रेस समिति (एपीसीसी) उपाध्यक्ष कोलाकुलुंडा शिवाजी ने कहा कि नीट में गड़बड़ी के आरोपों के बाद दोबारा परीक्षा होने के कारण आंध्र प्रदेश के लगभग 60,000 छात्रों को अनिश्चितता और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

श्री शिवाजी ने देश भर में पेपर लीक को रोकने, रैंकों की बिक्री बंद करने, अत्यधिक फीस को नियंत्रित करने और एक पारदर्शी एवं जवाबदेह परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए व्यापक 'शिक्षा संरक्षण कानून' बनाने की मांग की। उन्होंने छात्रों से नौ अगस्त को राहुल गांधी के 'चलो दिल्ली - विद्यार्थी गर्जना' कार्यक्रम को अपना समर्थन देने की अपील की।

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