विजयवाड़ा , जुलाई 10 -- आंध्रप्रदेश के मुख्य विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को विस्तृत प्रतिवेदन देकर राज्य में चल रही मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया (एसआईआर) से जुड़ी कथित गंभीर अनियमितताओं को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
विधान परिषद सदस्य और राज्य महासचिव लेल्ला अप्पी रेड्डी ने अन्य पार्टी नेताओं ने ये प्रतिवेदन दिल्ली में चुनाव आयोग को भी भेजने की जानकारी दी। पार्टी ने राजनीतिक हस्तक्षेप, निजी व्यक्तियों द्वारा आधिकारिक गणना प्रपत्रों को अनधिकृत रूप से संभालने, मतदाता जानकारी को माई टीडीपी ऐप पर अपलोड करने और बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) को धमकाने के आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की है। पार्टी ने इन कथित गड़बड़ियों के सबूत के तौर पर नेल्लोर, आत्मकुर, रेपल्ले और थम्बालापल्ले की घटनाओं का हवाला दिया।
गौरतलब है कि थम्बालापल्ले की घटना में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आयी है, जिसमें पूर्व टीडीपी विधायक शंकर के निजी सहायक कथित तौर पर एक बीएलओ पर माई टीडीपी ऐप में अपलोड करने के लिए भरे हुए प्रपत्र सौंपने का दबाव बना रहे हैं। साथ ही वह दावा कर रहे हैं कि निर्वाचन क्षेत्र के अन्य बीएलओ पहले से ही ये फॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं। वाईएसआरसीपी ने इस मामले में तत्काल जांच, बीएलओ की सुरक्षा और राजनीतिक पदाधिकारियों को आधिकारिक चुनाव रिकॉर्ड सौंपने पर सख्त प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
एक अलग प्रतिवेदन में, पार्टी ने कुप्पम विधानसभा क्षेत्र में लगभग 36,388 संदिग्ध दोहरे और एकाधिक मतदाता प्रविष्टियों के प्राथमिकता के आधार पर सत्यापन की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने पूरे राज्य में तकनीक-सहायता प्राप्त और जमीनी स्तर पर सत्यापित ऑडिट कराने का आग्रह किया है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बिना किसी नोटिस और उचित प्रक्रिया के किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम न हटाया जाये।
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