भोपाल , मार्च 23 -- मध्यप्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा को नई पहचान देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के तहत पहली बार आंगनवाड़ी केंद्रों में शाला पूर्व शिक्षा प्राप्त कर रहे 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को 'विद्यारंभ प्रमाण-पत्र' प्रदान किया जाएगा। यह आयोजन 24 मार्च को प्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में एक साथ आयोजित होगा।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार 'बाल चौपाल (ईसीसीई डे)' के अवसर पर आयोजित इस समारोह में बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा की ओर अग्रसर करने के उद्देश्य से प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे। इससे शाला पूर्व शिक्षा को सामाजिक और संस्थागत मान्यता मिलने के साथ बच्चों के शैक्षणिक जीवन की औपचारिक शुरुआत को भी मान्यता मिलेगी।

राज्य स्तर पर इस पहल के तहत राजधानी भोपाल में विशेष 'ग्रेजुएशन सेरेमनी' का आयोजन किया जाएगा, जिसमें महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों को प्रमाण-पत्र वितरित कर सम्मानित करेंगी। यह कार्यक्रम बाणगंगा परियोजना अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 1061 एवं 859 में आयोजित होगा, जहां 35 बच्चों को प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे।

यह पहल केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है, जिसका उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों को अनौपचारिक शिक्षा से औपचारिक विद्यालयी प्रणाली में सुगम संक्रमण प्रदान करना, परिवार और समुदाय को शाला पूर्व शिक्षा के प्रति जागरूक करना तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को प्रारंभिक शिक्षा के सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

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