चंडीगढ़ , अक्टूबर 23 -- हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि बच्चों के जीवन के शुरुआती वर्ष उनके शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को खेल-आधारित गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है, ताकि उनकी सीखने की क्षमता विकसित हो और भविष्य की शिक्षा के लिए मजबूत नींव तैयार हो सके।
उन्होंने कहा कि 'आगे बढ़े बचपन' पहल के तहत बच्चों की उम्र और सीखने की क्षमता के अनुरूप रोचक गतिविधियों पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) उपलब्ध करवाई गई है। इसके माध्यम से बच्चे खेल, बातचीत और विभिन्न गतिविधियों के जरिए आसानी से नई बातें सीखते हैं।
श्रुति चौधरी ने कहा कि खेल-आधारित शिक्षण से बच्चों के भाषा और संवाद कौशल में सुधार होता है। इससे उनकी सुनने, बोलने, विचार व्यक्त करने और दूसरों की बात समझने की क्षमता विकसित होती है। साथ ही सोचने, याद रखने, तर्क करने और समस्याओं का समाधान खोजने जैसे कौशल भी मजबूत होते हैं।
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