जयपुर , जून 19 -- राजस्थान के उपमुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने स्मार्ट आंगनबाड़ी केन्द्रों को स्वस्थ सशक्त राजस्थान की नींव बताया और कहा है कि कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) सहयोग से जर्जर और किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को 'स्मार्ट प्ले स्कूल' में अपग्रेड करना राज्य सरकार का लक्ष्य हैं।

श्रीमती दिया कुमारी शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जयपुर में आयोजित स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्र अवसंरचना पहल के लिए सीएसआर भागीदारी कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रुप में बोल रही थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत के विजन अनुसार गरीब और कमजोर परिवार के बच्चों का भी सशक्तिकरण किया जाना अत्यंत आवश्यक है।सशक्त मानव संसाधन से सशक्त राष्ट्र का निर्माण होगा, इसके लिए आंगनबाड़ियों को आधुनिक बनाना होगा, जिसमें सीएसआर फण्ड की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

उन्होंने कहा कि पहले से तैयार ढांचे तथा कंटेनर आंगनबाड़ी की नवीन तकनीक का उपयोग कर कुछ सप्ताह में ही आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कार्य किया जा सकता है, जिससे जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचना में अल्प समय में ही आशा अनुरूप परिवर्तन किये जा सकते हैं।

श्रीमती दिया कुमारी ने गुजरात में सीएसआर फण्ड के माध्यम से आंगबाड़ियों में हुए विकास कार्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि इस तरह के प्रयोग राजस्थान में भी किये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट भागीदारों से शहरी एवं अर्ध-शहरी औद्योगिक क्षेत्रों में प्री-फैब्रिकेटेड आगंनबाड़ी भवनों के निर्माण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने सीएसआर मद से आंगनबाड़ियों के विकास में योगदान देने के लिए कॉरपोरेट हाउसेज का आह्वान करते हुए कहा कि आंगनबाड़ियों को प्ले स्कूल में बदलने में योगदान कर राष्ट्र निर्माण की मुहीम में सहभागी बन सकते हैं।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और बच्चों की नींव मजबूत करके देश के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मानना है कि सीएसआर फंड का प्रयोग कर आंगनबाड़ियों को प्ले स्कूल में परिवर्तित कर गरीब बच्चों को भी बेहतर शाला पूर्व शिक्षा का वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पोषण वाटिकाओं का निर्माण और आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए यूनिफॉर्म, फर्नीचर, खिलौने,शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने तथा बच्चों के अनुकूल आंगनबाड़ियों में आधारभूत सुविधाएं विकसित करने में योगदान देना चाहिए।

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