टिहरी , सितंबर 01 -- उत्तराखंड में टिहरी में बाल विकास परियोजना चंबा में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के लिए मंगलवार को एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्कूल पूर्व शिक्षा के तहत बच्चों के साथ की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने विभिन्न गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण करते हुए बताया कि बच्चों को खेल-खेल में पढ़ने, लिखने और सीखने के लिए किस प्रकार प्रेरित किया जा सकता है। कविताओं के माध्यम से भाषा विकास, बच्चों से संवाद एवं बातचीत, खेलों के जरिए शारीरिक व मानसिक विकास तथा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। कार्यकर्त्रियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सहज और आनंददायक वातावरण बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव ने आंगनबाड़ी केंद्रों के उद्देश्यों तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। बाल विकास परियोजना अधिकारी ममता लेखक ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण एवं संवादात्मक कार्यक्रमों से कार्यकर्त्रियों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें अपने कार्यों को बेहतर ढंग से करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता बताई।
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