नयी दिल्ली , अगस्त 14 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश में डिजिटल और भौतिक बुनियादी ढांचों के विकास का उल्लेख करते हुए शुक्रवार को कहा कि आत्मनिर्भरता के दम पर वैश्विक अस्थिरता के बाद भी भारत दुनिया में सबसे तेज गति से विकास कर रहा है।

श्रीमती मुर्मु ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संदेश में कहा, "विश्व के अनेक क्षेत्रों में युद्ध एवं अस्थिरता का सभी देशों पर प्रभाव पड़ रहा है। ऐसी परिस्थिति में भी हमारे देश की अर्थव्यवस्था, सबसे तेज गति से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रही है। आर्थिक अनुमानों के अनुसार, भारत की विकास दर विश्व की औसत विकास दर की तुलना में दोगुने से अधिक रहेगी।"उन्होंने कहा कि 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान से देश की आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार मजबूत हुआ है। विश्व का इतिहास साक्षी है कि सांस्कृतिक आत्मबल पर आधारित विकास गतिमान और स्थायी होता है।

राष्ट्रपति ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने तथा पारस्परिक सम्बन्धों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए अनेक देशों के साथ पिछले कुछ समय में हुए मुक्त व्यापार समझौतों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत ग्लोबल साउथ के देशों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

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