भदोही , मई 26 -- उत्तर प्रदेश में भदोही जिले का ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व रखने वाला सुंदरवन आज अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है। कभी विशाल क्षेत्र में फैला यह वन अब लगातार सिकुड़ता जा रहा है। इतिहासकारों का मानना है कि लकड़ी और भू-माफियाओं की अवैध गतिविधियों के चलते इस प्राचीन वन क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रमुख इतिहासकार पंडित आलोक शास्त्री ने बताया कि प्राचीन काल में यह पूरा इलाका घने जंगलों से आच्छादित था। सुंदर वृक्षों और औषधीय जड़ी-बूटियों से भरपूर होने के कारण इस वन को "सुंदरवन" कहा जाता था। उन्होंने बताया कि कभी इसका क्षेत्रफल लगभग 10,277 वर्ग किलोमीटर तक फैला हुआ था, लेकिन समय के साथ अवैध कटान और अतिक्रमण के कारण यह सीमित क्षेत्र में सिमट गया है।

उन्होंने कहा कि एक समय सुंदरवन वन्य जीवों और दुर्लभ औषधीय पौधों का बड़ा केंद्र हुआ करता था। जंगल के बीच स्थित विशाल सरोवर आज के प्रसिद्ध ज्ञान सरोवर के रूप में जाना जाता है, जो वर्तमान में ज्ञानपुर में स्थित है। यहां भगवान शिव का प्राचीन मंदिर भी मौजूद है।

ज्ञान सरोवर को लेकर धार्मिक मान्यता है कि प्राचीन काल में यहां स्नान करने से कुष्ठ रोग जैसी गंभीर बीमारियों से मुक्ति मिलती थी। यही कारण है कि पुराने लोग ज्ञानपुर को "कोढ़" नाम से भी संबोधित करते रहे हैं।

वर्तमान में सुंदरवन क्षेत्र अध्यात्म और पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यहां 180 फीट ऊंचे और 150 फीट चौड़े शिवलिंग स्वरूप मंदिर का निर्माण कार्य साध्वी मंदा की देखरेख में चल रहा है। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग 9 फीट ऊंचा और लगभग 9 टन वजनी बताया जा रहा है। इस परियोजना में आईआईटी समेत प्रमुख तकनीकी संस्थानों का सहयोग लिया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि इस धार्मिक परियोजना से क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि पर्यावरण प्रेमियों और इतिहासकारों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते वन और भू-माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो सुंदरवन का शेष सौंदर्य भी इतिहास के पन्नों तक सीमित होकर रह जाएगा।

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