चंडीगढ़ , मई 29 -- हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने शुक्रवार को लोक भवन में फिल्म 'नालंदा महाविहार' की विशेष स्क्रीनिंग देखी। इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष भी उपस्थित रहीं।
राज्यपाल ने कहा कि यह फिल्म सिनेमा के सशक्त माध्यम से देश की समृद्ध विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने का ईमानदार और सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि नालंदा केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं था, बल्कि ज्ञान का वैश्विक केंद्र था, जिसने विश्वभर से हजारों विद्वानों, भिक्षुओं और ज्ञान के जिज्ञासुओं को आकर्षित किया। यह भारत की बौद्धिक एवं सांस्कृतिक श्रेष्ठता का शाश्वत प्रतीक रहा है।
उन्होंने कहा कि फिल्म का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता पैदा करना और लोगों को उन शाश्वत मूल्यों पर चिंतन के लिए प्रेरित करना है, जो बेहतर, जिम्मेदार और सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण में सहायक हैं। 'नालंदा महाविहार' मनोरंजन के साथ-साथ एक सशक्त सामाजिक संदेश भी देती है, जो इसे सांस्कृतिक महत्व और समकालीन प्रासंगिकता की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती है। फिल्म के प्रोड्यूसर दीपक दीवान हैं, जबकि निर्देशन अरविंद गुप्ता ने किया है।
इस अवसर पर हरियाणा की पूर्व मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा, राज्यपाल के सचिव विजयकुमार भाविकट्टी, एडीसी धीरज सेतिया तथा फिल्म की कास्ट और क्रू के सदस्य भी मौजूद रहे।
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