दिसपुर , मई 13 -- असम मंत्रिमंडल ने बुधवार को महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 'समान नागरिक संहिता (यूसीसी) असम, 2026' विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में इसके अलावा भी कई अहम फैसले किये गये।
यूसीसी विधेयक को आगामी 16वीं असम विधानसभा के पहले सत्र में पेश किया जायेगा। यह कानून विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील मामलों में सभी निवासियों के लिए समान नियम स्थापित करेगा। सरकार ने हालांकि स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जनजातियों और आदिवासी समुदायों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है, ताकि उनकी विशिष्ट परंपराएं सुरक्षित रह सकें।
राज्य सरकार का यह कदम मौजूदा धर्म-आधारित व्यक्तिगत कानूनों की जगह एक साझा कानूनी ढांचा तैयार करेगा। इससे कानूनी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित होगी। इस विधेयक के माध्यम से आधुनिक पारिवारिक संरचनाओं और विभिन्न रीति-रिवाजों को भी परिभाषित कर कानूनी मान्यता दी जायेगी। यूसीसी के साथ-साथ सरकार ने रोजगार के मोर्चे पर भी बड़ी पहल की है। कैबिनेट ने मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक विशेष टास्क फोर्स के गठन का निर्णय लिया है, जो विभिन्न सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में दो लाख सरकारी पदों की पहचान करेगी। इन पदों पर आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से नियुक्तियां की जायेंगी।
प्रशासनिक खर्चों में कटौती के लिए कैबिनेट ने प्रधानमंत्री की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए कड़े 'मितव्ययिता उपाय' लागू किये हैं। अगले छह महीनों तक सरकार कोई भी नयी गाड़ी या विदेशी सामान नहीं खरीदेगी, साथ में मंत्रियों एवं अधिकारियों की सभी आधिकारिक और निजी विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सरकारी गाड़ियों के ईंधन खर्च में 20 प्रतिशत की कटौती की जायेगी और सुरक्षा काफिलों के आकार को भी छोटा किया जायेगा। इसके अलावा, सभी बैठकों और सेमिनारों को छह महीने के लिए वर्चुअल मोड पर किया जायेगा।
भविष्य में सरकार केवल इलेक्ट्रिक वाहन ही किराये पर लेगी और पुरानी गाड़ियों को हटाने की प्रक्रिया तेज की जायेगी।
इसके अलावा असम के सांस्कृतिक गौरव डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशती को यादगार बनाने के लिए भी अहम फैसले हुए हैं। सरकार ने नयी दिल्ली के भारत मंडपम में उनके जन्मशती समारोह के भव्य समापन कार्यक्रम की मेजबानी करने का निर्णय लिया है।
इसके साथ ही, गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में 32 करोड़ रुपये की लागत से डॉ. भूपेन हजारिका को समर्पित एक अत्याधुनिक संग्रहालय का निर्माण किया जायेगा।
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