शिलांग , अक्टूबर 07 -- मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने कहा है कि राज्य सरकार असम सीमा से लगे विवादित ब्लॉक-एक और ब्लॉक-दो क्षेत्रों को लेकर एकतरफा फैसला नहीं लेगी।

श्री संगमा ने कहा कि आगे कोई भी कदम स्थानीय हितधारकों के साथ पूरी तरह विचार-विमर्श के बाद ही उठाया जायेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सीमा विवाद के सभी पहलुओं की गहन जांच की जायेगी। इसमें 13 अप्रैल 1951 की उस अधिसूचना से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को भी शामिल किया जायेगा, जिसके तहत ब्लॉक-एक और ब्लॉक-दो को यूनाइटेड मिकिर हिल्स जिले में स्थानांतरित किया गया था। उन्होंने कहा, "हम सभी पहलुओं को देखते हैं। बातचीत जारी रहेगी, लेकिन समाधान तलाशने के लिए बातचीत करते हुए हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी हितधारकों से सलाह-मशविरा किया जाये।"असम के साथ सीमा वार्ता जारी रखने की बात दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "हम जो भी करेंगे, वह हितधारकों और जनता के साथ विचार-विमर्श करके करेंगे। समस्या के समाधान के लिए चर्चा, समर्थन और आम सहमति सुनिश्चित किए बिना हम कभी आगे नहीं बढ़ेंगे।"ब्लॉक-1 और ब्लॉक-2 विवाद को अंतरराज्यीय मुद्दों में सबसे जटिल मामलों में से एक बताते हुए श्री संगमा ने कहा, "यह आसान नहीं है। यह बहुत जटिल और संवेदनशील समस्या है, लेकिन अगर हम मिलकर काम करें और किसी तरह की आम सहमति बनाने में सफल होते हैं, तो हम इस समस्या का समाधान कर पायेंगे और वास्तव में हम इसी दिशा में काम कर रहे हैं।"मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ज्यादातर सरकारों ने ब्लॉक-एक और ब्लॉक-दो से जुड़े मुद्दों के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास नहीं किया।उन्होंने कहा, "यह हमारी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के नेतृत्व वाली सरकार ही है, जिसने इस दिशा में काम करने की कोशिश की है।" उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने असम के साथ लगभग सभी विवादित क्षेत्रों में पुलिस चौकियां स्थापित की हैं, ताकि मेघालय के सीमावर्ती इलाकों में लोगों और उनकी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि मेघालय के प्रशासनिक नियंत्रण वाले क्षेत्रों में सरकार ने या तो पुलिस चौकियां स्थापित कर दी हैं या उन्हें स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है।

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