अगरतला , मई 04 -- त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने असम और पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भारत के पूरब में विकास की एक नई सुबह की ओर बढ़ाया गया कदम बताया।
डॉ साहा ने कहा कि असम में चुनावी सफलता चुनाव से काफी पहले ही तय हो गई थी, क्योंकि पिछले पाँच सालों में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने लोगों के हित में कई परियोजनाएं चलायी और लोगों के लिए काम किए। लेकिन पश्चिम बंगाल के मामले में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 सालों के कुशासन के बाद, लोगों ने अपना जनादेश पूरी तरह से ईवीएम में दर्ज कर दिया।
उन्होंने कहा, "टीएमसी ने पिछले कार्यकाल में चुनाव नहीं करवाए थे बल्कि ममता बनर्जी ने हिंसा, लोगों की आवाज़ दबाने, सरकारी पैसों की लूट, भ्रष्टाचार को संस्थागत बनाने और अपराध को बढ़ावा देने की विरासत को अपनाया। भारत के चुनाव आयोग का धन्यवाद, जिसने स्वतंत्र, निष्पक्ष और सही चुनाव सुनिश्चित किया। इस बार ममता बनर्जी प्रशासन को अपने पक्ष में नहीं कर पाईं।"इस बीच राज्य सरकार में भाजपा की सहयोगी और त्रिपुरा एडीसी की सत्ताधारी पार्टी, टिपरा मोथा पार्टी के संस्थापक प्रद्योत किशोर देबबर्मन ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की "मज़बूत और निर्णायक जीत" के लिए पार्टी नेताओं को बधाई दी। उन्होंने इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दिया, और इसे लगभग 50 वर्षों के बाद पश्चिम बंगाल में एक बड़ा राजनीतिक बदलाव बताया।
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