कोच्चि , जुलाई 14 -- केरल उच्च न्यायालय ने अष्टमुडी झील संरक्षण संबंधी अपने फैसले को लागू करने में देरी पर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए आदेश के पूर्ण अनुपालन के लिए अंतिम चार सप्ताह का समय दिया है। न्यायालय ने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में निर्देशों का पालन नहीं होने पर अवमानना की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाएगी।
अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि जुलाई 2025 के फैसले के क्रियान्वयन में नयी सरकार के गठन के कारण विलंब हुआ और निर्देशों को लागू करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की गयी।
इस पर न्यायालय ने लगभग एक वर्ष पुराने फैसले को अब तक लागू नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि आदेश के पूर्ण पालन के लिए चार सप्ताह से अधिक का समय नहीं दिया जाएगा। अदालत ने कहा कि समयसीमा के भीतर निर्देशों का अनुपालन नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही जारी रहेगी।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अजमल ए. करुणागप्पल्ली तथा वरिष्ठ अधिवक्ता बोरिस पॉल ने पैरवी की।
याचिकाकर्ता ने न्यायालय को बताया कि सरकार ने फैसले के केवल प्रारंभिक हिस्से को लागू किया है। अष्टमुडी वेटलैंड प्रबंधन इकाई के गठन की अधिसूचना जारी कर पहली बैठक ऑनलाइन आयोजित की गयी, लेकिन अदालत के निर्देशों के बावजूद अब तक इकाई का कार्यालय कार्यशील नहीं बनाया गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित