मुंबई , अगस्त 18 -- ोनी सब के धारावाहिक 'हस्तिनापुर के वीर' में पांडवों और कौरवों के बचपन की कहानी अब दोस्ती, असुरक्षा और गलतफहमियों के नए मोड़ पर पहुंच गई है। अश्वत्थामा और अर्जुन की गहरी दोस्ती में दरार पड़ती नजर आएगी।आगामी कड़ियों में अश्वत्थामा (धवल त्रिपाठी) गुरु द्रोणाचार्य (जितेन लालवानी) के अर्जुन पर बढ़ते विश्वास से परेशान होगा। उसे महसूस होगा कि उसके पिता अर्जुन को उससे अधिक महत्व देते हैं। अश्वत्थामा की इसी असुरक्षा का फायदा दुर्योधन (आयुध भानुशाली) उठाएगा और उसे धीरे-धीरे अर्जुन के खिलाफ कर देगा।
दोनों दोस्तों के बीच टकराव की स्थिति तब पैदा होगी, जब आहत अश्वत्थामा अर्जुन से कहेगा कि उसे उनकी दोस्ती पर अफसोस है और अर्जुन को दोस्त समझना उसकी गलती थी। अचानक बदले अश्वत्थामा के व्यवहार से अर्जुन हैरान और दुखी हो जाएगा तथा उसे समझ नहीं आएगा कि उनकी दोस्ती में आखिर क्या बदल गया।
द्रोणाचार्य की भूमिका निभा रहे जितेन लालवानी ने कहा कि एक पिता और गुरु के रूप में द्रोणाचार्य चाहते हैं कि अश्वत्थामा और अर्जुन दोनों मजबूत और सक्षम बनें। वह अर्जुन की लगन और क्षमता देखते हैं, लेकिन अनजाने में उनके शब्द अश्वत्थामा को गहराई से आहत कर रहे हैं।
अर्जुन की भूमिका निभा रहे उर्वा सवालिया ने कहा कि अश्वत्थामा हमेशा अर्जुन का करीबी दोस्त रहा है। अर्जुन ने कभी इस दोस्ती को प्रतियोगिता की तरह नहीं देखा और इसलिए अश्वत्थामा का अचानक बदल जाना उसके लिए बेहद दुखद और उलझन भरा है।
अश्वत्थामा की भूमिका निभा रहे धवल त्रिपाठी ने कहा कि उनका किरदार अपने पिता से बहुत प्यार और सम्मान करता है। जब उसे लगता है कि द्रोणाचार्य अर्जुन में अधिक क्षमता देखते हैं, तो उसे चोट पहुंचती है और वह मानने लगता है कि अर्जुन ने वह स्थान उससे छीन लिया है, जिसे वह हमेशा पाना चाहता था।
अब देखना दिलचस्प होगा कि अर्जुन इस टूटती दोस्ती से कैसे निपटेगा और क्या दोनों के बीच पैदा हुई गलतफहमियां दूर हो पाएंगी।
'हस्तिनापुर के वीर' का प्रसारण सोमवार से शनिवार रात नौ बजे सोनी सब पर किया जाता है।
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