चंडीगढ़ , अप्रैल 18 -- हरियाणा राज्य चुनाव आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने नगर पालिका और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के मद्देनजर हरियाणा संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1989 के सख्त पालन के निर्देश दिये हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों पर अवैध रूप से पोस्टर, बैनर लगाने और दीवारों पर लिखने जैसी गतिविधियां कानून का उल्लंघन हैं और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

श्री कल्याण ने बताया कि अधिनियम की धारा 3 और 3-ए के तहत किसी भी सार्वजनिक स्थान पर स्याही, पेंटया अन्य माध्यम से लिखकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अलावा सरकारी भवनों, बिजली के खंभों, बस स्टैंडों, मूर्तियों और सार्वजनिक परिवहन, विशेषकर राज्य परिवहन की बसों पर प्रचार सामग्री लगाना भी संज्ञेय अपराध है।

उन्होंने कहा कि अवैध प्रचार सामग्री हटाने और संपत्ति को मूल स्थिति में बहाल करने का पूरा खर्च संबंधित उम्मीदवार या राजनीतिक दल से वसूला जाएगा। यदि किसी उम्मीदवार के पक्ष में ऐसी गतिविधियां की जाती हैं, तो जिम्मेदारी उसी की मानी जाएगी, जब तक वह यह साबित न कर दे कि यह उसकी जानकारी के बिना हुआ।

निर्देशों के अनुसार, उम्मीदवार केवल निर्धारित स्थानों पर ही प्रचार सामग्री प्रदर्शित कर सकते हैं। शहरी क्षेत्रोंमें यह स्थान कार्यकारी अधिकारियों या सचिवों द्वारा और ग्रामीण क्षेत्रों में बीडीपीओ या पंचायत अधिकारियों द्वारा तय किये जाएंगे। जिन संपत्ति मालिकों ने अनुमति नहीं दी है, वे संबंधित अधिकारियों को शिकायत दे सकते हैं।

आयोग ने स्थानीय प्रशासन को आदेश दिया है कि शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर अवैध सामग्री हटाई जाये। साथ ही त्वरित कार्रवाई के लिए हवाई दस्तों को भी अधिकृत किया गया है।

आयुक्त ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी महत्वपूर्ण है, लेकिन यह सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी उम्मीदवारों से आदर्श आचार संहिता का पालन करने और स्वच्छ एवं निष्पक्ष चुनाव में सहयोग की अपील की।

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