बैतूल , मार्च 22 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में नागपुर-भोपाल नेशनल हाईवे स्थित ससुंद्रा चेकपोस्ट पर शुक्रवार रात हुए हंगामे के मामले में जांच के बाद नई जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार वाहन के दस्तावेज अवैध पाए जाने पर कार्रवाई से बचने के लिए चालक ने जानबूझकर जाम की स्थिति उत्पन्न की।परिवहन विभाग के मुताबिक वाहन क्रमांक सीजी 04 क्यूएफ 5918 के चालक सुरेश जाट निवासी देवास के वाहन का नेशनल परमिट 18 मार्च 2026 को समाप्त हो चुका था, जबकि प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र भी 17 मार्च को खत्म हो गया था। इसके बावजूद वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग पर संचालित किया जा रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि नियमित जांच अभियान के दौरान ससुंद्रा चेकपोस्ट पर उक्त वाहन को रोका गया। दस्तावेजों की जांच में अनियमितताएं मिलने पर चालक को कार्रवाई की जानकारी दी गई, जिस पर उसने पहले भागने का प्रयास किया। असफल रहने पर चालक ने चेकपोस्ट से लगभग 900 मीटर आगे ट्रक को फोरलेन सड़क पर आड़ा खड़ा कर दिया।
इसके बाद अन्य ट्रक चालकों ने भी अपने वाहन सड़क पर खड़े कर दिए, जिससे करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इस दौरान आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ससुंद्रा चेकपोस्ट के बैरियर प्रभारी अनिमेष जैन ने अवैध वसूली के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा केवल नियमानुसार कार्रवाई की जा रही थी। पीयूसी समाप्त होने पर 5 हजार रुपये और बिना वैध नेशनल परमिट वाहन चलाने पर 30 हजार 900 रुपये का जुर्माना प्रस्तावित किया गया था।
परिवहन विभाग के अनुसार हर माह के तीसरे और चौथे सप्ताह में सघन जांच अभियान चलाया जाता है। इसी क्रम में कार्रवाई के दौरान चालक ने अन्य वाहन चालकों को उकसाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।
घटना की सूचना साईखेड़ा पुलिस को दी गई है। चेकपोस्ट अमले ने चालक के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने वाहन चालकों से सभी दस्तावेज अद्यतन रखने और नियमों का पालन करने की अपील की है।
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