दंतेवाड़ा , मार्च 23 -- त्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज उड़नदस्ता दल और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान गंभीर अनियमितता सामने आने पर एक पत्थर खदान का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया तथा खदान संचालक पर 55 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया गया है।
प्रशासन से सोमवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार मेसर्स टी. रमेश, निवासी भद्राचलम (तेलंगाना) को ग्राम जावंगा, तहसील गीदम स्थित खसरा क्रमांक 287, रकबा 1.40 हेक्टेयर में साधारण पत्थर खदान का पट्टा 01 मार्च 2013 से 31 मार्च 2033 तक स्वीकृत किया गया है। 18 फरवरी 2026 को खदान क्षेत्र में ब्लास्टिंग का कार्य किया गया, जिसका प्रभाव खदान से लगभग 500 मीटर दूर स्थित प्राथमिक शाला बड़े पनेरा (कोसापारा) तक देखा गया। जांच में यह पुष्टि हुई कि ब्लास्टिंग के दौरान पत्थर स्कूल परिसर तक गिर गए थे, जिससे आसपास के क्षेत्र में चिंता का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गीदम, तहसीलदार गीदम तथा खनिज विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर संयुक्त जांच की। जांच के दौरान खदान संचालक तथा ब्लास्टर मौके पर उपस्थित नहीं पाए गए और ब्लास्टिंग से संबंधित आवश्यक वैध दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके अलावा खदान क्षेत्र के सीमा चिन्ह भी सुरक्षित और स्पष्ट रूप से स्थापित नहीं पाए गए, जो कि खनन नियमों का उल्लंघन माना गया।
सीमांकन प्रतिवेदन के आधार पर यह भी पाया गया कि स्वीकृत खदान क्षेत्र से बाहर पूर्व दिशा में लगभग 0.18 हेक्टेयर भूमि पर अवैध उत्खनन किया गया है। जांच में करीब 10,800 घनमीटर साधारण पत्थर का अवैध उत्खनन सामने आया। इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल खदान का संचालन बंद करा दिया।
खनन नियमों के उल्लंघन के मामले में खान एवं खनिज (विकास तथा विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21(4) के उल्लंघन पर धारा 21(5) के तहत कार्रवाई करते हुए खदान पट्टेदार पर 55,18,800 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।
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