धार , मार्च 26 -- मध्यप्रदेश के धार जिले की पर्यटन नगरी मांडू के नालछा क्षेत्र में जनपद अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव को लेकर चल रहे विवाद के बीच मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ ने प्रशासनिक कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है।
बताया गया है कि पिछले कुछ दिनों से भाजपा से जुड़े जनप्रतिनिधि अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास कर रहे थे। इसके विरोध में कांग्रेस नेता न्यायालय की शरण में पहुंचे, जहां 18 मार्च 2026 को जारी विवादित सूचना के आधार पर सभी आगामी कार्यवाहियों पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।
न्यायालय के आदेश के बाद नालछा एवं आसपास के क्षेत्रों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर और पटाखे फोड़कर खुशी व्यक्त की। कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतंत्र और न्याय की जीत बताते हुए कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि के अधिकारों की रक्षा हुई है। उनका आरोप है कि अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया जल्दबाजी और नियमों के विरुद्ध अपनाई गई थी।
इसी दौरान क्षेत्र में सामने आए कथित अपहरण प्रकरण को लेकर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी को आवेदन सौंपा है। आवेदन में कुछ निर्दोष लोगों को जानबूझकर फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की गई है।
कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से कहा है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और यदि आरोप गलत पाए जाते हैं, तो झूठी जानकारी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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