रायपुर , जुलाई 17 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को प्रश्नकाल से लेकर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। राशन दुकानों में मसालों की बिक्री के आरोप, महतारी वंदन योजना के आंकड़ों को लेकर विवाद और सरकार के खिलाफ कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में जोरदार बहस हुई। महतारी वंदन योजना के मुद्दे पर कांग्रेस ने हंगामे के बाद सदन से वॉकआउट भी किया।

प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने उचित मूल्य की दुकानों के बचत स्टॉक के सत्यापन का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि अप्रैल 2025 तक की ही जानकारी देकर शेष तथ्य छिपाए जा रहे हैं। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि विभाग द्वारा लगातार जांच कराई जाती है और शिकायत मिलने पर कार्रवाई भी की गई है।

इसके बाद विधायक ने पूछा कि उचित मूल्य की दुकानों में कौन-कौन सी सामग्री वितरित की जाती है और उसका रखरखाव कौन करता है। मंत्री ने बताया कि अधिकारियों द्वारा प्रत्येक 15 दिन में निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन किया जाता है तथा शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि राशन दुकानों में चावल और शक्कर वितरित किए जाते हैं तथा बस्तर क्षेत्र में चना भी दिया जाता है।

विधायक ने आगे पूछा कि क्या राशन दुकानों के माध्यम से मसालों की बिक्री की कोई व्यवस्था है। मंत्री ने इससे इनकार किया। इस पर श्री शुक्ला ने आरोप लगाया कि महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं पर दबाव बनाकर मसालों की बिक्री कराई जा रही है तथा कहा, "मेरे हाथ में दस्तावेज है." उन्होंने जांच की मांग करते हुए दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही। इस पर मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा, "जो भी दस्तावेज है आप दे दें, जांच करवा देंगे."सदन में इसके बाद कांग्रेस द्वारा लाए गए साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं का आरोप पत्र प्रस्तुत किया।

चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि पहली बार ऐसा हो रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष कर रहे हैं और यह स्थिति बताती है कि विपक्ष के सदस्यों को ही उन पर विश्वास नहीं है। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विपक्षी विधायकों से हाथ उठवाकर नेता प्रतिपक्ष के प्रति समर्थन प्रदर्शित किया। इस पर श्री चंद्राकर ने टिप्पणी की, "ये तो कामेडी हो गई. सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष लेकर आया था, लेकिन विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष को ही समर्थन जुटाना पड़ गया."महतारी वंदन योजना को लेकर कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने योजना के आंकड़ों तथा पोर्टल संचालन का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि जून 2026 तक कितनी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिला और जिन महिलाओं को लाभ नहीं मिला, उसके कारण क्या हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने बताया कि प्रारंभ में 70,27,154 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 70,09,658 पात्र हितग्राहियों को प्रथम भुगतान किया गया। उन्होंने कहा कि जून 2026 की स्थिति में 68,54,003 महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा है। उनके अनुसार 1,55,600 हितग्राही ऐसे हैं, जिनकी मृत्यु हो गई है अथवा उनका EKYC नहीं हुआ है। इसके अलावा आयकरदाता महिलाओं को भी योजना में शामिल नहीं किया गया है। मंत्री ने कहा कि EKYC के कारण 2% महिलाओं का महतारी वंदन का पैसा रुका है।

इस पर विधायक उमेश पटेल ने कहा कि मई महीने में 36,000 महिलाओं का ईकेवाईसी लंबित है तथा 55,000 महिलाओं के नाम हटाए गए हैं, ऐसे में लगभग एक लाख हितग्राहियों का मामला शेष है। जवाब में मंत्री ने कहा कि 1,23,000 महिलाओं की मृत्यु हो गई है। इसके बाद श्री पटेल ने कहा कि मार्च 2024 से पोर्टल नहीं खुला है और पूछा कि इसे कब तक खोला जाएगा।

मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने जवाब देते हुए कहा, "सुशासन की सरकार है. हमने सरकार बनते ही 2 महीने में पैसा दे दिया आप न सिखाएं." इस टिप्पणी के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नारेबाजी शुरू हो गई। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

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