रूद्रपुर , जून 06 -- उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत चार जून को अल्मोड़ा में राहुल गांधी की जनसभा में उमड़ी भीड़ को लेकर गदगद हैं और उन्हें वर्ष 2027 में प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने का रास्ता साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने शनिवार को कांग्रेस जनों से अल्मोड़ा की जन भावना को प्रदेश के गांव गांव तक ले जाने का आह्वान किया।

कांग्रेस नेता आज ऊधम सिंह नगर जिले के रूद्रपुर में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने पूर्व सैनिकों और अर्द्ध सैनिक बलों के बहाने केन्द्र और राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज भी पूर्व सैनिक वन रैंक वन पेंशन की विसंगति के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार केन्द्र में वन रैंक वन पेंशन की विसंगति को दूर करने का काम करेगी। उन्होंने अग्निवीर योजना का विरोध करते हुए कहा कि अग्निवीर योजना के चलते देश में आने वाले समय में रेजीमेंट प्रथा खत्म हो जायेगी।

गढ़वाल रेजीमेंट, कुमाऊं रेजीमेंट, गोरखा, डोगरा, राजपुताना और सिख जैसी रेजीमेंट केन्द्र सरकार की अग्निवीर योजना के चलते अतीत का हिस्सा हो जायेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने वादा किया है कि केन्द्र सरकार में आते ही उनकी सरकार अग्निवीर योजना को खत्म करेगी और सेना में भर्ती की पुरानी व्यवस्था बहाल करेगी।

इसके अलावा उन्होंने अर्द्ध सैनिक बलों की सुविधा में बढ़ोतरी की हिमायत करते हुए कहा कि पृथक से अर्द्ध सैनिक बल कल्याण बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए। प्रदेश में उनकी सरकार ने इसका गठन किया था।

उन्होंने भूमि सुधार, नजूल, भूमि और मजदूरों के शोषण के नाम पर धामी सरकार पर हमला बोला और कहा कि उनकी सरकार ने वर्ष 2014-15 में मामूली शुल्क का प्रावधान कर नजूल भूमि के स्थानांतरण के लिये कदम उठाया था लेकिन तब से लेकर आज तक धामी सरकार इस मामले में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पायी है।

उन्होंने कहा कि वर्ग-4 के नाम पर भी प्रदेश सरकार की आलोचना की और कहा कि धामी सरकार ने विषय में भी कोई कदम नहीं उठाया है। इससे गरीब तबके के अलावा अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों के खिलाफ न्याय नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि प्रदेश में किसानों के शोषण के साथ ही मजदूरों का भी शोषण हो रहा है। भाजपा राज में पहले किसानों का शोषण हुआ और अब मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने साफ साफ कहा कि प्रदेश में सिडकुल शोषण के केन्द्र बन गये हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार ने तराई में मौजूद बंगाली समुदाय के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति को भी खत्म करने का काम किया है। यह बंगाली समुदाय के लोेगों के खिलाफ अन्याय है।

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