मथुरा , सितंबर 24 -- मथुरा में श्री गिर्राज सेवा समिति (रजि.) परिवार के तत्वावधान में आयोजित होने वाले अलौकिक छप्पन भोग महोत्सव की पूर्व संध्या पर धाम में भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर गिर्राज महाराज का विशेष 'पंचरत्नम महाभिषेक' धार्मिक रीति-रिवाज एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।

आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रभु का यह दिव्य महाभिषेक कामधेनु गाय के शुद्ध दूध, दुर्लभ वैदिक जड़ी-बूटियों तथा पारंपरिक पंच पात्रों के माध्यम से कराया गया। अभिषेक के दौरान पूरा प्रांगण 'गिर्राज महाराज की जय' और 'राधे-राधे' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। इस अलौकिक क्षण के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

महोत्सव की शृंखला में कल, अनंत चतुर्दशी (25 सितंबर, शुक्रवार) को प्रभु गिर्राज जी का अति-दिव्य एवं अद्भुत रूप में श्रृंगार किया जाएगा। इस दौरान भगवान चांदी के विशाल कमल पुष्प पर शेषनाग के साथ विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। प्रभु का यह विशेष श्रृंगार हीरे, मोती, पन्ना, पुखराज, नीलम और गोमेद जैसे बहुमूल्य सप्तरत्नों से किया जाएगा।

अध्यक्ष मुरारी लाल अग्रवाल ने-श्री गिर्राज सेवा समिति द्वारा आयोजित विशेष भब्य आयोजन में देश-विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं, कृष्ण भक्तों एवं ब्रजवासियों को इस दुर्लभ और अलौकिक दर्शन का लाभ उठाने के लिए सादर आमंत्रित किया है। समिति की ओर से कार्यक्रम स्थल पर दर्शनार्थियों की सुविधा एवं सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं, ताकि सभी भक्त सुलभता से गिर्राज प्रभु के इस सप्तरत्नम स्वरूप के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित कर सकें।

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